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आदित्य घोष : वकील से बने प्रेजिडेंट और फिर 10 साल में IndiGo को बनाया नंबर वन

सुनील रावत | Updated on: 28 April 2018, 16:22 IST

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को दशक तक संभालने के बाद इसके अध्यक्ष आदित्य घोष ने हटने का एक अप्रत्याशित फैसला लिया है. अब कंपनी ग्रेगरी टेलर को अगल अध्यक्ष बनाने जा रही है. ग्रेगरी ने पहले इंडिगो के राजस्व प्रबंधन टीम का नेतृत्व किया था. फ़िलहाल तब तक इंडिगो के प्रमोटर राहुल भाटिया अंतरिम सीईओ होंगे.

कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में घोष ने कहा कि वह अपनी खुद की कम्पनी शुरू करेंगे हालांकि उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी. घोष ने यह कदम वक़्त में उठाया है जब इंडिगो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की योजना बना रही है.

आदित्य घोष जिन्होंने कंपनी के नेतृत्व को एक दशक के करीब अध्यक्ष और पूर्णकालिक निदेशक के रूप में संभाला वह कभी आईआईएम या आईआईटी नहीं गए बल्कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी किया था. बीते मार्च मर घोष को आईआईएम इंदौर में दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किया गया था.

इस समारोह में घोष ने कहा "मैं कभी बिजनेस स्कूल नहीं गया और मैं आईआईएम के योग्य भी नहीं था लेकिन अब मैं एक आईआईएम दीक्षांत समारोह का हिस्सा बना हूं यह मेरे लिए गर्व की बात है.'' घोष की पढाई की कमी कभी उनकी शानदार सफलता के रास्ते में नहीं आई. उन्होंने कहा, "मैं कभी एक तेज तर्रार छात्र नहीं था लेकिन मैंने हमेशा अपने दिल और आत्मा को अपने काम में डालने की कोशिश की."

यह संयोग ही है कि 2008 में इंडिगो के संस्थापक राहुल भाटिया ने घोष को अपनी कंपनी में युवा वकील के रूप में चुना था. घोष के काम के बदौलत इंडिगो ने 2017 तक लगातार अपने 9 वीं बार इंडिगो को मुनाफे में रखा. पिछले पांच वर्षों में घरेलू बाजार में कम्पनी की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 12 में 20.3% से दोगुनी होकर वित्त वर्ष 17 में 39.6% हो गई.

कंपनी ने 2017 के दौरान अपने यात्रियों में 31.5% की वृद्धि देखी. इंडिगो का वर्तमान में 49 गंतव्यों (41 घरेलू और 8 अंतरराष्ट्रीय) के लिए प्रति दिन करीब 1,000 उड़ानें उपलब्ध करवाती है, जिसमें अनुमानित 44 लाख यात्री सफर करते हैं. 2012 में इंडिगो के प्रभारी होने के चार साल बाद घोष को फॉर्च्यून ने 40 में कारोबारियों की सूची में 27 वें स्थान पर रखा.

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First published: 28 April 2018, 16:16 IST
 
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