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आखिर बिहार के जीएसटी कलेक्शन का सच क्या है ?

सुनील रावत | Updated on: 27 January 2018, 11:17 IST

जीएसटी लागू होने के बाद राजस्व में लगातार आ रही गिरावट केंद्र और राज्य सरकारों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है. हालांकि दिसंबर में जीएसटी कलेक्शन में कुछ उछाल आया लेकिन यह तय किये गए लक्ष्य से पीछे रहा. जीएसटी कलेक्शन को लेकर बिहार के वित्त मंत्री सुशिल कुमार मोदी का कहना है कि जीएसटी कलेक्शन में लगातार आ रही गिरावट सरकार के लिए चिंता का विषय है.

सुशील मोदी ने फेसबुक पर लिखा कि ''जीएसटी का असर: इस साल अब तक बिहार  का राजस्व 39 प्रतिशत घट गया है''. लेकिन इस पर सेंट्रल जीएसटी और एक्साइज टैक्स (बिहार/झारखंड) के मुख्य आयुक्त का दावा एकदम अलग है. केंद्रीय जीएसटी और केंद्रीय उत्पाद कर (बिहार/झारखंड) के मुख्य आयुक्त शिव नारायण सिंह ने कहा कि जीएसटी के बाद राजस्व संग्रह बिहार में 35 प्रतिशत तथा झारखंड में 20 प्रतिशत बढ़ा है.

 

अक्टूबर और नवंबर में गिरावट के बाद दिसंबर में जीएसटी संग्रह इजाफा हुआ है. हालांकि यह 910 अरब रुपये के लक्ष्य से कम रहा. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर दरें में जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 86,703 करोड़ रुपये रहा.

 

वित्त मंत्रालय ने ट्विटर पर लिखा है, 'जीएसटी के तहत दिसंबर 2017 के लिए कुल राजस्व संग्रह 24 जनवरी तक 86,703 करोड़ रुपये रहा.' हालांकि सरकार ने जनवरी में कई वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी है. जिसका असर भी आने वाले समय में रेवेन्यू पर पड़ेगा.

दिसंबर तीसरा ऐसा महीना रहा जब जीएसटी राजस्व घटकर 900 अरब रुपये से नीचे रह गया. वर्ष 2017-18 के लिए केंद्र सरकार ने जीएसटी कलेक्शन का लक्ष्य 91,000 करोड़ रुपये रखा था. जीएसटी के तहत राज्यों को कम रकम मिलने की स्थिति में इसकी गणना के लिए 2015-16 के आधार वर्ष पर 14 प्रतिशत वृद्धि का आंकड़ा तय किया गया. इससे पहले अक्टूबर और नवंबर में जीएसटी संग्रह 808.08 और 833 अरब रुपये रहा था.

First published: 27 January 2018, 11:17 IST
 
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