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मार्च में सस्ते हो जाएंगे लोन और कम जाएगी आपकी EMI, RBI ने बैंकों पर बढ़ाया दबाव

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 February 2019, 17:11 IST

रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट के दर में कटौती किए जाने के बाद बैंकों पर लोन सस्‍ता करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है. RBI गवर्नर शंक्तिकांत दास ने सरकारी और निजी बैंकों के साथ बैठक की थी. बैठक के दौरान RBI गवर्नर ने कहा था रिज़र्व बैंक ने अपनी ब्याज दरों में जो कमी की है, उसका लाभ आम लोगों तक पहुंचना जरूरी है. इसके बाद बैंक के अधिकारियों ने कहा कि वह तत्काल इंटरेस्ट रेट नहीं घटा सकते लेकिन इसमें स्टेप बाई स्टेप कटौती की जा सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च में बैंकों की ओर से ब्‍याज दरों में कमी की घोषणा होने की संभावना है.

ख़बरों की मानें तो बैठक में बैंकरों ने कहा कि हम लोन देने के लिए डिपॉजिट स्कीम पर डिपेंडेंट हैं. रेपो रेट में बदलाव से बैंकों के लिए यह संभव नहीं है कि वे तत्काल लोन सस्‍ता कर दें. इस बैठक में 10 सरकारी बैंक के प्रतिनिधि शामिल हुए थे. बैंकों ने एनपीए (नॉन परर्फोर्मिंग एसेस्ट) और बैंकिंग संचालन की मार्जिन की सेफ्टी को लेकर भी चिंता जाहिर की. बैंकर्स का कहना है किअगर वे ब्याज दर की पूरी कटौती का लाभ कस्टमर्स को देने लगेंगे तो इसका उन पर प्रतिकूल असर होगा.


RBI ने घटाई थीं ब्याज दरें और क्या है रेपो रेट

रिजर्व बैंक ने 7 फरवरी को अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में रेपो रेट में 0.25% कमी की थी. रेपो रेट का मतलब होता है कि रिज़र्व बैंक जब अन्य बैंकों को पैसा देते हैं तो उसपर एक ब्याज फिक्स होता है जिसे Repo Rate कहते है. इसके बाद प्रमुख बैंकों में से सिर्फ SBI ने होम लोन पर ब्याज दर में सिर्फ 0.05% कटौती की है. बाकी किसी अन्य बैंक ने ग्राहकों को राहत नहीं दी है.

First published: 23 February 2019, 17:11 IST
 
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