Home » बिज़नेस » After Reliance Jio Five To Six Operators TO Emerge From The Shake Out: Fitch
 

'जियो के बाद टेलीकॉम मार्केट में बचेंगी सिर्फ 5-6 कंपनियां'

अभिषेक पराशर | Updated on: 6 September 2016, 15:45 IST
QUICK PILL
  • भारत के टेलीकॉम मार्केट में रिलायंस जियो की धमाकेदार दखल से न केवल मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों को नुकसान होगा बल्कि  टेलीकॉम मार्केट के एकीकरण की गति को बल मिलेगा.
  • अभी तक प्रति यूजर्स डेटा से मिलने वाले राजस्व की दर (एआरपीयू) बहुत कम रही है लेकिन जियो के आने के बाद इस राजस्व में बढ़ोतरी होने की संभावना है. जियो का टैरिफ प्लान \'\'केवल डेटा प्लान\'\' के मार्केट को मजबूत करेगा.
  • फिलहाल भारत में करीब 5 फीसदी उपभोक्ताओं के पास ही 4जी सेट हैं. हालांकि आने वाले दिनों में स्थिति बदलने वाली है. 
  • अब नए बन रहे सेट में करीब 70 फीसदी से अधिक 4जी सेट हैं. लेकिन जियो से 2-3 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं के जुड़ने की संभावना नहीं है. कंपनी को अगले साल तक 3-4 फीसदी से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी भी नहीं मिलने जा रही है.

भारत के टेलीकॉम मार्केट में रिलायंस जियो की धमाकेदार दखल से न केवल मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों को नुकसान होगा बल्कि  टेलीकॉम मार्केट के एकीकरण की गति को बल मिलेगा. रिलायंस जियो ने बेहद सस्ते डेटा टैरिफ और मुफ्त वॉयस कॉल के ऑफर के साथ 4जी टेक्नोलॉजी को बाजार में उतारा है. 

फिच रेटिंग्स के मुताबिक जियो के बाजार में आने से वैसे समय में प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी होगी जब कंपनियों को बाजार में बने रहने के लिए पूंजीगत खर्च में इजाफा करना होगा क्योंकि बाजार में जल्द ही बड़े पैमाने पर 4जी हैंडसेट उपलब्ध होंगे. 

साथ ही फिच को उम्मीद है कि भारतीय टेलीकॉम मार्केट का एकीकरण होगा और इसके बाद पांच से छह बड़ी कंपनियां निकलकर सामने आएंगी. 

रिलायंस जियो ने अपने डेटा पैक के साथ मोबाइल हैंडसेट को भी बाजार में उतारा है जो केवल डेटा देने वाली टेलीकॉम कंपनियों के लिए चुनौती बना हुआ है. 

फिच के अनुमान के मुताबिक जियो के डेटा की कीमत मौजूदा कंपनियों के डेटा पैक के मुकाबले करीब 20 से 25 फीसदी सस्ता है. साथ ही कंपनी वॉयस कॉल और मैसेज सर्विसेज के लिए कोई पैसा नहीं ले रही है. 

जियो ने अपनी सेवा दिसंबर 2016 तक मुफ्त रखी है. साथ ही दिसंबर 2017 तक कंपनी ने 300 लाइव टीवी स्टेशंस और डिमांड पर मूवी, म्यूजिक और अन्य सेवाओं को मुफ्त रखा है. उपभोक्ताओं की संख्या के आधार पर सबसे बड़ी कंपनी एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया और रिलायंस कम्युनिकेशन जैसी कंपनियों के सामने अब बड़ी चुनौती अपने मौजूदा उपभोक्ताओं को जोड़े रखने की है. 

रिपोर्ट बताती है कि आने वाले दिनों में अन्य टेलीकॉम कंपनियों की दरों में 10 से 15 फीसदी की गिरावट आ सकती है.

अभी तक प्रति यूजर्स डेटा से मिलने वाले राजस्व की दर (एआरपीयू) बहुत कम रही है लेकिन जियो के आने के बाद इस राजस्व में बढ़ोतरी होने की संभावना है. रिपोर्ट बताती है कि जियो का टैरिफ प्लान ''केवल डेटा प्लान'' के मार्केट को मजबूत करेगा.

खबरों के मुताबिक रिलायंस जियो जनवरी 2017 के बाद भी टैरिफ दरों में कटौती की योजना बना रही है.

जियो का यह मॉडल मौजूदा टेलीकॉम मार्केट के लिए कितना खतरनाक होगा, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय बाजार में काम कर रही टेलीकॉम कंपनियों के राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा और उनका मुनाफा वॉयस और मैसेज सर्विसेज से आता है. 

फिच की रिपोर्ट के मुताबिक देश की चारों बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के औसत ऑपरेटिंग एबिटा मार्जिन में अगले साल 200-250 आधार अंकों की गिरावट देखने को मिल सकती है. 2015 में इन कंपनियों का मार्जिन 35 फीसदी रहा है.

मुनाफे के दबाव में जियो!

खबरों के मुताबिक रिलायंस जियो जनवरी 2017 के बाद भी टैरिफ दरों में कटौती की योजना बना रही है. इस बात की भी संभावना है कि वह दिसंबर 2016 तक जारी छूट को जनवरी 2017 के बाद भी जारी रख सकती है.

रिलायंस जियो इन्फोकॉम का विनाशकारी मॉडल है. जियो की लॉन्चिंग से निश्चित तौर पर एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया और रिलायंस कम्युनिकेशन समेत अन्य कंपनियों को नुकसान होगा लेकिन फिलहाल रिलायंस को भी निकट भविष्य में कोई फायदा नहीं होगा.

रिलायंस जियो इन्फोकॉम के लिए राजस्व का मॉडल और मुनाफा सबसे बड़ा सवाल है और बाजार के पास इसका कोई जवाब नहीं है. तो फिर रिलायंस जियो 4जी मार्केट में कैसे बनी रहेगी? 

दरअसल रिलायंस जियो रिलायंस की अब तक की सबसे बड़ी स्टार्टअप कंपनी है और रिलायंस इंडस्ट्रीज फिलहाल 91,000 करोड़ रुपये की नकदी के पहाड़ पर बैठी हुई है. 

इसलिए कंपनी के पास ब्रेक-ईवन में आने की कोई जल्दबाजी नहीं है. इतनी बड़ी रकम की मदद से वह आसानी से बाजार को अपने मुताबिक तैयार कर सकती है. 

दूसरा पहलू डेटा से मिलने वाला राजस्व है. डेटा खपत से बढ़ने वाला राजस्व का सीधा फायदा भी जियो को ही मिलेगा. बाकी कंपनियों को डेटा से मिलने वाला राजस्व बेहद कम है.

नुकसान से हलकान एयरटेल

भारती एयरटेल अभी भारतीय टेलीकॉम मार्केट की दिग्गज कंपनी है. जियो से एयरटेल को नुकसान होने की संभावना है क्योंकि जियो का हाई डेटा प्लान कंपनी के प्रीमियम कस्टमर बेस को नुकसान पहंुचाएगा. कंपनी के भारती मोबाइल सेगमेंट में यह सबसे अधिक राजस्व देने वाली सेवा है.

वहीं चौथी बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन पहले से ही दबाव में है. कंपनी के प्रबंधन ने अपने मोबाइल बिजनेस को एयरसेल लिमिटेड के साथ विलय कर और टावर बिजनेस की बिक्री कर 1.6 अरब डॉलर के कर्ज को चुकाने की प्रतिबद्धता जताई है.

कंपनी अगर कर्ज घटाने में विफल रहती है तो इसकी रेटिंग बिगड़ने का खतरा बढ़ जाएगा.

फिच की रिपोर्ट के मुताबिक एबिटा स्तर पर जियो अगले दो साल तक घाटे में रहेगी. कंपनी को शुरुआती लागत का बोझ उठाना पड़ेगा और साथ ही इसके सब्सक्राइबर ग्रोथ रेट में कमी आएगी क्योंकि 4जी मोबाइल हैंडसेट को बाजार के अंतिम छोर तक पहुंचने में समय लगेगा.

फिच की रिपोर्ट के मुताबिक एबिटा स्तर पर रिलायंस जियो अगले दो साल तक घाटे में रहेगी.

फिलहाल भारत में  करीब 5 फीसदी उपभोक्ताओं के पास ही 4जी सेट हैं. हालांकि यह आने वाले दिनों में बदलने वाला है. अब नए बन रहे सेट में करीब 70 फीसदी से अधिक 4जी सेट हैं. लेकिन जियो से 2-3 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं के जुड़ने की संभावना नहीं है. कंपनी को अगले साल तक 3-4 फीसदी से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी भी नहीं मिलने जा रही है.

फिच ने भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री की रेटिंग नेगेटिव बनाए रखी है. बाजार में कोई तगड़ी प्रतिस्पर्धा जैसा माहौल नहीं है लेकिन डेटा मांग में होने वाली बढ़ोतरी और कर्ज की मदद से विलय और अधिग्रहण के कारण कंपनियों के पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी होगी. 

फिच को उम्मीद है कि भारतीय टेलीकॉम मार्केट का एकीकरण होगा और इसके बाद पांच से छह बड़ी कंपनियां निकलकर सामने आएंगी. 

जियो से जिंदगी बचाने के लिए अब क्या करेंगी एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया!

रिलायंस जियो: क्या वाकई दुनिया का सबसे सस्ता प्लान दे रही है कंपनी?

जियोफाई: मुफ्त डाटा ऑफर के साथ रिलायंस की सस्ती 4जी वाईफाई हॉटस्पॉट डिवाइस जल्द

First published: 6 September 2016, 15:45 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

पिछली कहानी
अगली कहानी