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सैनिटरी पैड्स से GST हटाने के बाद भी कीमत कम हुई महज 5 पैसे !

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 July 2018, 15:13 IST

सैनिटरी पैड्स बनाने वाली कंपनियों का कहना है जीएसटी काउंसिल द्वारा इस पर टैक्स हटाने के बाद भी कीमतों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है. जीएसटी काउंसिल ने शनिवार को बैठक के बाद सैनिटरी पैड्स पर लागू 12 प्रतिशत टैक्स को खत्म कर दिया. इसकी मांग लगातार की जा रही थी लेकिन अब खुद पैड बनाने वाली कंपनियां इस बात का दावा कर रही हैं कि इससे ग्राहकों को इसका बहुत कम फायदा मिलेगा.

सैनिटरी पैड्स निर्माता कंपनी सरल डिजाइन की तरफ कहा गया है कि 'हमें लगता है कि इसे ग्राहकों के लिए कीमत में बहुत कम अन्तर आएगा. ग्राहकों को 10 पैड्स वाले पैक पर प्रति पैड 5 पैसे का फायदा होगा. उनका यह भी कहना है कि जीएसटी हटाने के बाद भी पैड बनानेवाली कंपनियां रॉ मटीरियल्स पर चुकाए गए टैक्स पर क्रेडिट क्लेम नहीं कर पाएंगी. बड़ी बचत तभी संभव है जब कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करने की अनुमति दी जाये'.

इकनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सैनिटरी पैड्स का बाजार वर्तमान में 4,500 करोड़ रुपये का है. हालंकि अब भी 80 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं पैड्स का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने मुख्य वित्तीय अधिकारियों (CFOs) से पूछ रही हैं कि उन्होंने पैड्स को कम-से-कम 5% के टैक्स ब्रैकिट में रखने के लिए भरपूर लॉबिंग क्यों नहीं की?' अधिकारी ने बताया कि पैड बनानेवाली कंपनियां 2.30 रुपये मूल्य के एक पैड पर 3 पैसे का इनपुट क्रेडिट क्लेम करती हैं.

इससे पहले गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की 28वीं बैठक कई अहम फैसले लिए. सेनेटरी नैपकिन को टैक्समुक्त करने के अलावा टीवी, फ्रीज, वॉसिंग मशीन सहित 88 वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया है. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इन बदलावों से 100 से अधिक आइटम्स सस्ते होंगे. बैठक में लिए गए सभी फैसले 27 जुलाई से लागू होंगे. वित्त मंत्री ने बताया कि सेनेटरी नैपकिन के साथ ही राखी, हैंडीक्राफ्ट, स्टोन, मार्बल और लकड़ी की बनी मूर्तियां, फूल वाली झाड़ू, साल पत्ते अब टैक्स मुक्त होंगे.

First published: 23 July 2018, 15:11 IST
 
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