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AGR: 17 मार्च तक Vodafone और Airtel को चुकाने पड़ेंगे 1.47 लाख करोड़ रुपये- SC

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 February 2020, 13:06 IST

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)ने एजीआर (AGR )के मामले में टेलिकॉम कंपनियों को आदेश का पालन न करने पर कड़ी फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को AGR का भुगतान न करने पर टेलीकॉम दिग्गज वोडाफोन आइडिया (vodafone Idea )और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) को अवमानना का नोटिस जारी किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों के प्रबंध निदेशकों से जवाब तलब किया है. इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी और अदालत ने अगली सुनवाई तक इन टेलिकॉम फर्मों को दूरसंचार विभाग (DoT) को 1.47 लाख करोड़ रुपये का AGR देने का भी निर्देश दिया है.

एक रिपोर्ट के अनुसार इस मामले पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जिस तरह से देश में चीजें हो रही हैं, उससे हमारा विवेक हिल गया है. हमने एजीआर मामले में समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया है, लेकिन अभी भी एक पैसा जमा नहीं किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा सुनवाई की अगली तारीख तक यह भुगतान कर दें. सभी कंपनियों के पास यह आखिरी अवसर है''.

न्यायमूर्ति एस अब्दुल नाज़र और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने दूरसंचार कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा कि क्यों न उनके आदेश का पालन न करने पर उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू की जाए.

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किसको, कितना एजीआर देना है ?

जुलाई में केंद्र ने शीर्ष अदालत को बताया था कि भारती एयरटेल, वोडाफोन, एमटीएनएल और बीएसएनएल का लाइसेंस शुल्क 92,600 करोड़ रुपये से अधिक है. SC में दायर हलफनामे में, DoT ने कहा कि गणना के अनुसार, Airtel पर सरकार को लाइसेंस शुल्क के रूप में 21,682.13 करोड़ रुपये और Vodafone - 19,823.71 करोड़ रुपये, और Reliance Communications को 16,456.47 करोड़ रुपये का भुगतान करना है. बीएसएनएल का 2,098.72 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि MTNL का 2,537.48 करोड़ रुपये बकाया है.

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First published: 14 February 2020, 13:02 IST
 
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