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बीते साल एयर इंडिया ने अपना घाटा 3546 करोड़ रुपये कम करके दिखाया : CAG

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 March 2018, 11:41 IST

घाटे में चल रही सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया के एक बड़े हिस्से को सरकार ने बेचने का फ़ैसला किया है. 64 साल पहले 1953 में सरकार ने टाटा समूह से एयर इंडिया को खरीदा था लेकिन आज फिर इसे निजी हाथों में देने की तैयारी है. मोदी सरकार इसके 76% हिस्से की बिक्री की तैयारी कर रही है. यानी एयर इंडिया में सरकार की हिस्‍सेदारी केवल 24 फीसदी ही रह जाएगी.

इससे पहले यूपीए सरकार ने 2012 में इसके लिए 30,200 करोड़ रुपए का बेलआउट पैकेज तैयार किया था. जो 9 साल में मिलने थे. 64 साल पहले 1953 में सरकार ने टाटा समूह से एअर इंडिया को खरीदा था.

आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, एयर इंडिया में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 6,200 से अधिक स्लॉट हैं. इसके अलावा,एयर इंडिया एक्सप्रेस के विभिन्न स्थानीय और विदेशी हवाई अड्डों में करीब 555 स्लॉट हैं. 

 

बीते बुधवार को संसद में पेश एक रिपोर्ट में एयर सीएजी ने कहा कि सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने बीते साल अपना घाटा कम करके दिखाया है. सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया ने साल 2017 में अपना घाटा 3546 करोड़ रुपये कम दिखाया है.

सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह आंकड़ा अधिक होना चाहिए. हालांकि एयर इंडिया ने घाटा कम करके दिखाने से इनकार किया है. सीएजी के अनुसार बीते साल एयर इंडिया ने 21,100 करोड़ रुपये के राजस्व पर कुल घाटा 5760 करोड़ रुपये दिखाया था.

पिछले वित्त वर्ष में एयरलाइन को 221 अरब रुपये की कुल राजस्व पर 57.6 अरब रुपये का शुद्ध घाटा हुआ. वर्ष के लिए शुद्ध घाटा वित्त वर्ष 16 में 38.3 अरब रुपये से बढ़कर रहा.

First published: 30 March 2018, 11:41 IST
 
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