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Airline ticket refund: लॉकडाउन के दौरान रद्द की गई हवाई टिकटों के रिफंड को लेकर DGCA की गाइडलाइन जारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 October 2020, 12:02 IST

कोरोना वायरस लॉकडाउन (Lockdown) के बीच रद्द की गई उड़ानों के टिकटों की धनराशि रिफंड करने के लिए विमानन नियामक DGCA ने एयरलाइन्स कंपनियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के छह दिन बाद जारी दिशानिर्देश में कहा गया है गया कि 25 मार्च से 24 मई के बीच रद्द किए गए हवाई टिकटों के लिए यात्रियों को एक पूरा और तत्काल रिफंड दिया जाना चाहिए. इस अवधि में देश में कोई भी घरेलू यात्री उड़ानें संचालित नहीं की गई हैं. शीर्ष अदालत ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान की गई बुकिंग की वापसी के लिए एक क्रेडिट शेल के गठन के बारे में भी निर्देश दिए थे. अदालत के आदेश के आधार पर डीजीसीए ने यात्रियों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया

1 - यात्री जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान यात्रा के लिए टिकट बुक किया था यानी 25 मार्च 2020 से 24 मई 2020 तक.


2- यात्री जो लॉकडाउन से पहले किसी भी समय टिकट बुक किये हैं लेकिन 24 मई 2020 तक यात्रा करनी थी और COVID-19 के कारण टिकट रद्द कर कर दी गई.

3- ऐसे यात्री जिन्होंने 24 मई 2020 के बाद कभी भी यात्रा के लिए टिकट बुक किया हो.

नियामक ने कहा कि पहली श्रेणी से संबंधित यात्रियों को रद्द किए गए टिकटों के लिए संबंधित एयरलाइन द्वारा पूर्ण रिफंड दिया जाना चाहिए.
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कहा कि एयरलाइंस को 15 दिनों के भीतर दूसरी श्रेणी के यात्रियों को पैसे रिफंड करने के प्रयास करने चाहिए". अगर वित्तीय तनाव के कारण, कोई भी एयरलाइन ऐसा करने में सक्षम नहीं है, तो वे एकत्र किए गए किराया (यात्री को) की राशि के बराबर एक क्रेडिट शेल प्रदान करेगा. डीजीसीए ने कहा कि यात्री 31 मार्च 2021 तक किसी भी टिकट को बुक करने के लिए क्रेडिट शेल का उपयोग कर सकते हैं. तीसरी श्रेणी से संबंधित लोगों को मौजूदा DGCA नियमों के अनुसार रिफंड दिया जाएगा.

हालही में सुप्रीम कोर्ट ने Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की उन सिफारिशों को मान लिया है, जिनमें कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान रद्द किये गए हवाई टिकटों की धनराशि को रिफंड करने का जिक्र था. अदालत ने एयरलाइन कंपनियों को यात्रियों के नाम पर क्रेडिट शेल सुविधा स्थापित करने की अनुमति दे दी. यदि इस क्रेडिट का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तो एयरलाइन कंपनियों को यात्रियों को टिकट का पैसा 31 मार्च 2021 तक अनिवार्य रूप से वापस करना होगा. क्रेडिट योजना किसी को भी हस्तांतरित की जा सकती है.

जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने हालांकि स्पष्ट किया कि जिन मामलों में ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से टिकट बुक किए गए थे, उन पैसों का उपयोग एजेंटों के माध्यम से किया जाएगा न कि सीधे यात्री द्वारा. 25 सितंबर को अंतिम सुनवाई के दौरान अदालत ने लॉकडाउन के दौरान बुक किए गए एयरलाइन टिकटों के लिए धनवापसी की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि टिकटों के लिए एकत्र की गई पूरी राशि को वापस नहीं करने का एयरलाइंस का निर्णय मनमाना था. 13 जून को अदालत ने केंद्र, एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से लॉकडाउन के कारण रद्द किए गए टिकटों की वापसी के लिए तौर-तरीकों पर काम करने को कहा था.

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First published: 8 October 2020, 12:00 IST
 
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