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इन हालातों में छूट गई आपकी फ्लाइट तो एयरलाइंस देगी हर्जाना

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 April 2018, 13:07 IST

अगर आप हवाई सफर करते हैं और कभी आपकी पहली फ्लाइट में देरी या कैंसल हो जाती है. और आप कनेक्टिंग फ्लाइट नहीं पकड़ पाते, तो एयरलाइन कंपनी को आपको 20,000 रुपये तक हर्जाना देना पड़ सकता है. केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने यह सिफारिश की है कि कनेक्टिंग फ्लाइट के छूटने या कैंसल होने पर हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को 20 हजार रुपए तक का जुर्माना देना होगा.

एविएशन रेग्युलेटर डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने यात्रियों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को परिभाषित करने वाले पैसेंजर चार्टर में इसे शामिल करने का प्रस्ताव दिया है. चार्टर के मुताबिक अगर किसी पैसेंजर को टिकट होने के बावजूद प्लेन में सवार होने नहीं दिया जाता है तो एयरलाइन को उसे 5,000 रुपये का मुआवजा देना होगा. बता दें कि कई बार फ्लाइट ओवरबुक होने पर पैसेंजर को बोर्डिंग की इजाजत नहीं दी जाती.

मंत्रालय बहुत जल्द इस संबंध में मसौदा लाने वाला है. हालांकि एयरलाइंस इस सुझाव के खिलाफ हैं. क्योंकि भारत में घरेलू उड़ानों का किराया पहले से ही बहुत कम है. कंपनियों के मुताबिक अगर ये मसौदा आता है तो घरेलू उड़ानों के किराए में भी बढ़ोतरी होगी. इस नए नियम का इंडिगो, जेट एयरवेज, स्पाइसजेट और गोएयर जैसे मेंबर्स वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) के अलावा विस्तारा और एयरएशिया इंडिया जैसे नॉन FIA मेंबर्स ने विरोध किया है.

नए प्रपोजल के मुताबिक डीजीसीए ने पहली बार पहली फ्लाइट में देरी के चलते कनेक्टिंग फ्लाइट मिस होने पर पैसेंजर्स को 20,000 रुपये तक मुआवजा देने का प्रस्ताव किया है. इतना ही मुआवजा उन्हें भी देने का प्रपोजल है, जिनकी पहली फ्लाइट रद्द होने के चलते कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई हो.

इस मामले में विस्तारा एयरलाइंस ने एविएशन मिनिस्ट्री और डीजीसीए को लिखा है, 'इन सूरतों में एयरलाइन की जिम्मेदारी तभी बनती है, जब कनेक्शन एक ही टिकट या पीएनआर पर होता है. इसमें कैश कंपनसेशन तय लिमिट में खानेपीने/होटल पेमेंट के लिए होना चाहिए, अगर ये सुविधाएं एयरलाइन कंपनी अपनी तरफ से पैसेंजर को नहीं मुहैया कराती हैं.

विस्तारा एयरलाइंस ने मांग की है कि कंपनसेशन लेवल इंडिया में चल रहे कम एयरफेयर और यील्ड के हिसाब से होना चाहिए. जैसा दुनियाभर में होता है, इंडिया में भी यह कंपनसेशन कानूनी तौर पर जरूरी नहीं होना चाहिए, अगर कनेक्शन अलग-अलग पीएनआर से अलग-अलग खरीद टिकट पर हो.

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First published: 19 April 2018, 13:07 IST
 
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