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आकाश अंबानी जियो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए खोज रहे हैं नई टीम

सुनील रावत | Updated on: 4 June 2018, 13:15 IST

रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर काम करने के लिए आकाश अंबानी की अगुवाई में पेशेवरों की एक टीम की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है. एक रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस जियो ने कुछ वरिष्ठ लोगों पर इस टीम को बनाने की जिम्मेदारी दी है. कंपनी इस टीम को बेंगलुरु या हैदराबाद में स्थापित करना चाहती है. रिपोर्ट के अनुसार आकाश अंबानी इसमें गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं और इसका का नेतृत्व खुद कर कर रहे हैं.

इसके रिलायंस जियो ने बेंगलुरु में भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है और एआई के अलावा यह उन लोगों की तलाश में है जो मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन पर काम कर सकते हैं. भारत के टेलिकॉम क्षेत्र में रिलायंस जियो ने सितंबर 2016 में एंट्री की थी और इसके बाद से वह 186 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों को जोड़ चुका है.

 

कंपनी ने पहले ग्राहकों को सस्ते डेटा के साथ मुफ्त कॉल की सेवा दी. जियो के इस कदम के बाद टेलिकॉम सेक्टर की बाकी कपंनियों को भी अपने टैरिफ रेट कम करने पड़े थे. यही नहीं बाजार में जियोफोन 1,500 रुपये में उपलब्ध है.

अब जियो ब्लॉकचैन जैसी तकनीक पर काम कर रहा है. जनवरी में मुंबई में 'इंडिया डिजिटल ओपन सम्मिट में अपने उद्घाटन संबोधन के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बेटे आकाश अंबानी ने कहा था कि वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक प्रमुख तकनीक बनती जा रही है.

 

भारत में जियो के सबसे पड़े प्रतिद्वंद्वी भारती एयरटेल ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसऔर मशीन लर्निंग पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. अप्रैल में एयरटेल ने सांतनु भट्टाचार्य को अपने मुख्य डेटा वैज्ञानिक के रूप में नियुक्त किया था.

दूरसंचार उद्योग दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ रहे उद्योगों में से एक है और पहले से ही अपनी ग्राहक सेवा बढ़ाने के लिए मशीन लर्निंग (एमएल), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आईओटी का उपयोग कर रहा है.

ट्रांसपेरेंसी मार्केट रिसर्च (टीएमआर) के एक अध्ययन के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए वैश्विक बाजार 2016 और 2024 के बीच प्रभावशाली 36.1% सीएजीआर होने का अनुमान है. चूंकि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और लैटिन अमेरिका इस बाजार ने में तेजी से विकास देख रहा है, इसलिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूरसंचार सेवाओं का खर्च बढ़ने का अनुमान है.

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First published: 4 June 2018, 12:50 IST
 
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