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अनिल अंबानी की RCom नहीं बेच पा रहा टावर कारोबार, अब आयी ये अड़चन

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 April 2018, 18:54 IST

अनिल अम्बानी के रिलायंस कम्ययुनिकेशंस के लिए एक और बुरी खबर आयी है. एचएसबीसी डेजी ने संपत्ति बिक्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई है. एचएसबीसी डेजी ने एनसीएलटी आदेश पर रोक की मांग की. गौरतलब है कि एनसीएलटी ने आरकॉम को कुछ शर्तों के साथ टावर संपत्ति बेचने की मंजूरी दी थी.

एचएसबीसी डेजी के पास रिलायंस इंफ्राटेल में करीब 4 फीसदी हिस्सा है और कंपनी का कहना है कि टावर संपत्ति बेचने में उनकी मंजूरी नहीं गई. एनसीएलएटी ने शुक्रवार को आरकॉम से टॉवर और फाइबर संपत्ति बिक्री की राशि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) एस्क्रौ अकाउंट में जमा करने और 18 अप्रैल को एक अंतिम सुनवाई के लिए इस तरह की आय के वितरण पर फैसला लेने के लिए कहा है.

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इससे पहले अनिल अंबानी अपने कर्ज को कम करने के लिए दिसंबर 2017 में अपने एसेट्स रिलायंस जियो को बेचने फैसला किया था. आरकॉम पर मार्च 2017 तक बैंकों का 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था. एरिक्सन ने बीते सितंबर में 1,150 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के लिए कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया का आवेदन किया था.

चीन की कम्पनी 'चाइना डिवेलपमेंट बैंक' (सीडीबी) ने आरकॉम के खिलाफ 24 नवंबर को लॉ ट्राइब्यूनल में बैंकरप्सी के लिए आवेदन किया था. खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी का फैसला किया है. रिपोर्ट के मुताबिक इस बार छंटनी में 800-1000 कर्मचारियों को निकाला गया है. बैंकों ने रिलायंस कम्युनिकेशंस को कर्ज चुकाने के लिए दिसंबर तक मोहलत दी थी. कर्ज से जूझ रही रिलायंस कम्युनिकेशंस की कुछ दिन पहले एयरसेल के साथ डील रद्द हो गई थी.

First published: 9 April 2018, 18:50 IST
 
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