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EC ने अदालत में कहा- राजनीतिक दलों को गुमनाम चंदे देने से ख़त्म हो रही है पारदर्शिता

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 March 2019, 16:47 IST

देश के चुनाव आयोग ने कहा कि नए वित्त नियमों में गुमनाम चंदा देने से राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता कम होती है. ब्लूमबर्ग द्वारा देखे गए दस्तावेज़ के अनुसार, भारत के चुनाव आयोग ने नए फंडिंग नियमों के खिलाफ दायर एक मामले में उत्तरदाताओं में से एक अनाम दान में गंभीर धन और राजनीतिक फंड की पारदर्शिता पर प्रभाव पड़ता है.

अदालत चुनावी बॉन्ड को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा दायर नकद दान पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही है, जो एक गैर-सरकारी संगठन है. 2014 में मोदी सत्ता में आए और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का वादा किया.

 

चुनाव आयोग की टिप्पणी और शीर्ष अदालत के किसी भी प्रतिकूल फैसले से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की भ्रष्टाचार विरोधी साख सवाल उठ सकते हैं. कानून में बदलाव से चुनावी बांड के माध्यम से अनाम दान की अनुमति मिलती है, जिसमे बैंक में 1,000 रुपये से 10 मिलियन रुपये तक के मूल्यवर्ग में खरीदा जा सकता है और एक राजनीतिक पार्टी को दिया जाता है.

सरकार ने दावा किया है कि बदलाव राजनीतिक फंडिंग को साफ-सुथरा बनाएगा. चुनाव आयोग ने कहा कि राजनीतिक दलों को विदेशी कंपनियों से भारतीय कंपनी में अधिक हिस्सेदारी दान करने की अनुमति मिलती है.

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First published: 28 March 2019, 16:47 IST
 
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