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Apple के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की बेटी ने किये पिता के साथ रिश्तों पर चौकाने वाले खुलासे

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 August 2018, 18:29 IST

स्टीव जॉब्स विश्व की सबसे बड़ी कंपनियों में एक ''एप्पल'' के सह संस्थापक थे और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति की लिस्ट में शुमार थे. स्टीव जॉब्स की बेटी लीसा ब्रेनन जॉब्स ने अपने पिता के साथ रिश्तों पर 'स्माल फ्राई' नाम की एक किताब लिखी है.

उन्होंने बताया है कि उनके पिता के पास अपनी बेटी के लिए कोई रहम नहीं था और स्टीव जॉब्स ने उन्हें कितनी भावनात्मक पीड़ा, निराशा और अकेलापन दी है.

बीबी दूसरे के घरों में धोती थी बर्तन

स्टीव जॉब्स की बेटी लीसा ब्रेनन जॉब्स का जन्म 17 मई 1978 को हुआ था, स्टीव जॉब्स उस समय 23 साल के थे. उनकी मां ने एक दोस्त के फ़ार्महाऊस पर स्टीव जॉब्स की मजूदगी में उन्हें जन्म दिया था. स्टीव जॉब्स ने उन्हें अपनी बेटी मानने से इंकार कर दिया.

लीसा लिखती हैं, "मेरे दो साल के होने तक मेरी मां दूसरे के घर में बर्तन धोकर और नौकरियां करके घर चलाती रहीं. मेरे पिता से उन्हें कोई मदद नहीं मिली."

बेटी मानने से किया इनकार, डीएनए टेस्ट में

साल 1980 में कैलिफ़ोर्निया की एक अदालत से गुज़ारा भत्ता देने के लिए कहा. स्टीव जॉब्स ने झूठ बोला कि वो मेरे पिता नहीं है और कहा कि वो पिता बन ही नहीं सकते हैं. किसी अन्य व्यक्ति को मेरा पिता बताया. अदालत के आदेश पर हुए डीएनए टेस्ट में स्टीव जॉब्स के लीसा  का पिता होने की पुष्टि हुई और अदालत ने उन्हें 500 डॉलर प्रति महीने के गुज़ारा भत्ता देने लिए कहा.

एप्पल के सफलता की कहानी

एप्पल की शुरुआत साल 1976 में इसके सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स ने की थी. एप्पल पहले पर्सनल कंप्यूटर बनाती थी और इसे मैक कंप्यूटर्स के लिए जाना जाता था. साल 2007 में कंपनी ने ''आई-फ़ोन'' लांच किया जिसने कंपनी के सितारे को बुलंदी के शिखर पर पहुंचा दिए.

कंपनी के शेयरों में 1,100 प्रतिशत  का उछाल आया. एप्पल दुनिया की पहली ऐसी कंपनी बनी है जिसने हज़ार अरब का आंकड़ा छुआ और दूसरी बड़ी कंपनियों माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़ॉन और फ़ेसबुक को पीछे छोड़ दिया.

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खरोंच लगने के बाद बदल देते थे पोर्श कार लेकिन बेटी को नहीं दिया

ब्रेनन जॉब्स ने अपनी मां से सुना था कि उनके पिता अपनी कीमती कारें थोड़ी सी भी खरोंच लगने के बाद ही बदल लेते हैं. एक दिन लीसा ने अपने पिता स्टीव जॉब्स से कहा कि क्या जब उनकी कार उनके किसी काम की नहीं रहेगी तो वो उसे ले सकती हैं.

स्टीव जॉब्स ने कहा,"तुम्हें कुछ भी नहीं मिलेगा, समझीं, कुछ भी नहीं." उनकी आवाज़ में कड़वाहट थी जिससे लीसा के दिल को बहुत ठेस पहुंची. ब्रेनन जॉब्स ने लिखा कि उनके पिता बिलकुल भी दरियादिल नहीं थे, ''न ही पैसों, न ही शब्दों के, न ही खाने और  मामले में."

अंतिम समय में बेटी को गले लगाया

स्टीव जॉब्स का निधन 5 अक्तूबर 2011 को पेनक्रियाटिक कैंसर की वजह से हो गया था. उनकी ज़िंदगी के अंतिम दिनों में लीसा उनसे मिलने हमेशा जाती थीं. वो अपने किताब 'स्माल फ्राई' में लिखती हैं, "स्टीव जॉब्स शॉर्ट्स पहने हुए बिस्तर में थे, उनकी टांगे नंगी थी और बांहों जितनी पतली हो गईं थीं और वो सिकुड़े हुए थे. मैं वापस अपने पिता के बेडरुम में गई तो वो बिस्तर से उठे और मेरे गले लगे.''

First published: 4 August 2018, 18:29 IST
 
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