Home » बिज़नेस » Auto companies witnessed a revenue loss of Rs 1200 crore due to Supreme Court order that banned sale of BS-III vehicles from 1 April
 

BS-3 बैन: ऑटोमोबाइल कंपनियों को 1200 करोड़ का लगा चूना

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 April 2017, 15:27 IST

सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल 2017 से केवल BS-4 (भारत स्टेज चार) उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहनों की ही बिक्री का आदेश सुनाया था. इस आदेश की ऑटोमोबाइल कंपनियों को भारी कीमत चुकानी पड़ी है.  

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद BS-3 (भारत स्टेज तीन) उत्सर्जन मानक का पालन करने वाले वाहनों की बिक्री के लिए समय सीमा 31 मार्च थी. ख़बर है कि इस दौरान तमाम शहरों में वाहन डीलरों ने औने-पौने दामों में BS-3 वाहनों को बेच डाला.

इस बीच कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट के बैन से करारी चपत भी लगी है. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स यानी SIAM का अनुमान है कि अदालत के इस कदम से ऑटोमोबाइल कंपनियों के राजस्व को तकरीबन 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. 

8 लाख गाड़ियां बनी थीं कबाड़

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ऑटोमोबाइल कंपनियों के पास स्टॉक में करीब 8 लाख वाहन बचे थे. सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में 1 अप्रैल से BS-3 वाहनों की बिक्री पर रोक लगाने वाले अपने पिछले फैसले को बरकरार रखा. इस तरह खासकर 2-व्हीलर्स और कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनियों को सबसे ज्यादा झटका लगा.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि व्यावसायिक फायदे से ज्यादा आम लोगों की सेहत महत्वपूर्ण है. इसलिए BS-4 लागू करने की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट ने देश में 1 अप्रैल 2017 से BS-4 मानक लागू करने का फैसला सुनाया था. कोर्ट के इस आदेश के बाद वाहन निर्माता कंपनियों ने BS-3 स्टॉक बेचने के लिए कोर्ट से 6-8 महीने की मोहलत मांगी थी. कंपनियों के पास स्टॉक में करीब 8.2 लाख गाड़ियां थीं. 

कोर्ट ने कहा कि कंपनियों को पता था कि 1 अप्रैल 2017 से BS-4 गाडियां ही बेची जा सकेंगी, फिर कंपनियों ने स्टाक खत्म क्यों नहीं किया. कोर्ट ने यह भी कहा कि लोगों के स्वास्थ्य को ताक पर नहीं रखा जा सकता. बता दें कि BS-3 गाड़ियां स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हैं.

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (SIAM) के मुताबिक फैसले के वक्त ऑटो उद्योग में करीब 8.2 लाख BS-3 वाहन थे. इनमें 96,724 व्यावसायिक वाहन, 6,71,308 दोपहिया वाहन, 40,048 तिपहिया और 16,198 कारें बची थीं.

दोपहिया वाहनों में सबसे ज्यादा गाड़ियां हीरो मोटोकॉर्प और होंडा मोटरसाइकिल की बची थीं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ऑटो और इससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त गिरावट देखने को मिली थी.

First published: 11 April 2017, 14:37 IST
 
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