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'मोदीकेयर' योजना का लाभ लेने के लिए हर दिन लाइन में हैं 1000 लोग, ये हैं पहली लाभार्थी

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 September 2018, 11:13 IST

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी हेल्थकेयर-योजना -आयुषमान भारत-प्रधान मंत्री जन आर्य योजना (एबी-पीएमजेई) के लिए लिटमस टेस्ट इसके औपचारिक लॉन्च के एक दिन बाद करीब 1,000 रोगियों के साथ शुरू हो गया. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाले से दो-पेज का कस्टमाइज्ड पत्र लगभग 40 लाख लाभार्थियों को भेजा है, जिसमे योजना के महत्व और लाभों को समझाया गया है.

इस योजना के उद्घाटन दिवस पर राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आरआईएमएस), रांची, झारखंड में 20 रोगियों को भर्ती कराया गया था. योजना के आधिकारिक लॉन्च के बाद पहला जन्म एक लड़की का था, जो अस्पताल में सोमवार को लाभार्थी के यहां पैदा हुई.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "हमारी सरकार लड़कियों बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है और यह घटना इसके अनुरूप है." उन्होंने कहा "जब हमने हरियाणा में एबी-पीएमजेई के पायलट की शुरुआत की, तो पहला बच्चा भी करिश्मा नाम की एक लड़की थी. हमने योजना के नाम से प्रेरित अपने आयुषमान देवी का नाम दिया. यह वास्तव में उत्साहजनक है कि योजना के औपचारिक लॉन्च के बाद पहला बच्चा भी एक लड़की है.

इस योजना का उद्देश्य सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) डेटा के आधार पर लगभग 500 मिलियन आर्थिक रूप से वंचित लोगों को प्रति परिवार 5 लाख का वार्षिक स्वास्थ्य कवर प्रदान करना है. बीजेपी का कहना है कि एनडीए ने दुनिया की सबसे बड़ा स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम शुरू किया है.

पेपरलेस और कैशलेस एंटाइटेलमेंट-आधारित स्कीम लॉन्च के बाद अब सार्वजनिक और निजी दोनों ही भारतीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर पहुंचने के लिए है. पीएचएचएएल के प्रमुख एलएम सिंह ने "यह योजना 71वें राष्ट्रीय सैंपल सर्वे कार्यालय (एनएसएसओ) सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है.

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First published: 25 September 2018, 11:08 IST
 
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