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बाबा की पतंजलि ने टीवी, अखबारों में कम किये विज्ञापन, बिक्री में आयी बड़ी गिरावट

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 August 2019, 22:29 IST

कुछ समय पहले तक बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद टेलीविज़न और अख़बारों की कमाई का सबसे बड़ा श्रोत थी लेकिन लगता है मंदी के दौर में पतंजलि को अपनी विज्ञापनों में कटौती करनी पड़ी है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार टीवी और प्रिंट दोनों माध्यमों में पतंजलि ने अपनी दृश्यता कम कर दी है. ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के आंकड़ों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि पतंजलि अब भारत के शीर्ष 10 विज्ञापनदाताओं में शामिल नहीं है. वर्ष 2016 और 2017 में पतंजलि क्रमशः तीसरे और छठे सबसे बड़े विज्ञापन दाताओं में शामिल थी.

पतंजलि ने 2012 और 2017 के बीच के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे जब कंपनी की कमाई ने 500 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये का मुकाम हासिल किया था. बाबा रामदेव की लोकप्रियता ने भी पतंजलि की इन तरक्की में हम भूमका निभाई. उसी समय पतंजलि ने स्वदेशी थीम पर आधारित कई विज्ञापन अभियान भी शुरू किए. इनमें से कई में बहुराष्ट्रीय कंपनियों और उनके उत्पादों पर हमला किया गया था.

बाबा रामदेव ने विज्ञापनों में विदेशी कंपनियों की तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से की थी और कहा था कि वह उन्हें भारत से भागने के लिए मजबूर करेंगे. तब से पतंजलि की बिक्री वित्त वर्ष 2018 में लगभग 8,100 करोड़ रुपये और 2019 के पहले नौ महीनों में लगभग 4,800 करोड़ रुपये हो गई. पतंजलि ने अपने परिधान व्यवसाय पतंजलि परीधन के साथ आने से पहले पिछले साल कम समय में किम्बो इंस्टेंट मैसेंजर ऐप लॉन्च किया था. लेकिन कंपनी इन लॉन्च के दौरान टीवी पर मुश्किल से दिखाई दे रही थी.

दिलचस्प बात यह है कि पतंजलि के प्रतिद्वंद्वियों जैसे कि हिंदुस्तान यूनिलीवर और पीएंडजी, जो अपने उत्पादों के साथ प्राकृतिक उत्पादों के बैंडवागन पर रुकते हैं, ने अपने उत्पादों के लिए तेज बिक्री में वृद्धि देखी है. बीएस रिपोर्ट के अनुसार, वे पिछले कुछ वर्षों में शीर्ष विज्ञापनदाताओं में शामिल हैं.

हालही में इकनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया था कि पतंजलि आयुर्वेद की शहरों में बिक्री कम हो गई है, जबकि गांवों में एक तिहाई तक ग्रोथ कम हो गई. रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक उपभोक्ता अनुसंधान कंपनी Kantar Worldpanel के अनुसार अप्रैल 2019 को समाप्त 12 महीनों के दौरान बाबा रामदेव के नेतृत्व वाली फर्म की शहरी मात्रा की बिक्री में 2.7% की गिरावट आई है, जबकि इसकी ग्रामीण बिक्री 15.7% बढ़ी है.

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First published: 9 August 2019, 22:10 IST
 
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