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बैंकों ने मिनिमम बैलेंस ना होने के नाम पर 4 साल में ग्राहकों को लगाया इतने हजार करोड़ का चूना

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 October 2018, 13:14 IST

बैंक भले ही आए दिन घाटे का रोना रोती रहती हों, लेकिन अपने ग्राहकों को अकाउंट से रुपये काटने के बारे में कभी आपको जानकारी नहीं देती. हर बैंक अपने ग्राहकों के अकाउंट से तरह-तरह की नियमों के तरह हर साल करोड़ों रुपये काट लेती हैं. जिसमें सबसे ज्यादा रकम मिनिमम बैलेंस ना रखने वालों के खाते से काटी जाती है.

दरअसल, हर बैंक मिनिमम बैलेंस ना रखने वाले ग्राहकों के खाते से कुछ रुपये काट लेती है. इसी नियम के तहत देश भर के बैंकों ने पिछले चार साल में ग्राहकों के बचत खातों से जुर्माने के तौर पर 11,500 करोड़ रुपए काट लिए.

बैंकों ने की 11000 करोड़ से ज्यादा की कमाई

वित्त मंत्रालय के एक सूत्र के मुताबिक पिछले चार साल (वित्त वर्ष 2014-15 से 2017-18 के बीच) में 21 सार्वजनिक बैंकों और निजी क्षेत्र के तीन दिग्गज बैंकों ने बचत खातों में मिनिमम बैलेंस न रख पाने वाले ग्राहकों से कुल 11,500 करोड़ रुपए की वसूली की है.

SBI ने सबसे ज्यादा की ग्राहकों से वसूली

मिनिमम बैलेंस न रखने पर चार्ज वसूलने के मामले में भारतीय रिजर्व बैंक देश में सबसे आगे रहा है. SBI ने 2017-18 में इस मद में 2,500 करोड़ रुपए की कमाई की है. निजी क्षेत्र के दिग्गज बैंक HDFCने इस दौरान 600 करोड़ रुपए की वसूली की है.

जानिए कैसे लगती है आप पर पेनल्टी

बैंकों का कहना है कि ये एक्टिव खातों को चलाने के लिए जरूरी खर्च निकालने के लिए लगाए जाते हैं. मिनिमम बैलेंस न रख पाने के एक समान 'अपराध' के लिए अलग-अलग जुर्माना वसूल रहे हैं. उदाहरण के लिए SBI अपने बचत खाता धारकों से न्यूनतम बैलेंस न रखने पर 5 से 15 रुपए और इसके साथ GST चार्ज सहित वसूली करता है.

बता दें कि मेट्रो शहरों के SBI ग्राहकों को हर महीने खाते में न्यूनतम 3,000 रुपए का बैलेंस रखना होता है. वहीं छोटे शहरों में हर महीने 2,000 रुपए और ग्रामीण इलाकों में 1,000 रुपए रखने की शर्त है. अगर आपके खाते में इससे कम बैलेंस होगा तो SBI आपके खाते से कुछ रुपये काट लेगा.

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First published: 4 October 2018, 13:07 IST
 
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