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बैंकों में धोखाधड़ी पर RBI का बड़ा खुलासा- 11 सालों में हुए 2.05 लाख करोड़ के फ्रॉड

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 June 2019, 16:58 IST

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 11 वित्तीय वर्षों में भारत में बैंकों को नुकसान पहुंचाने वाले 50,000 से अधिक धोखाधड़ी के मामलों में ICICI बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और HDFC बैंक ने सबसे अधिक मामले दर्ज किए हैं.

2008-09 और 2018-19 के वित्तीय वर्ष के दौरान हुए 53,334 मामलों में 2.05 लाख करोड़ की धोखाधड़ी हुई. जिसमें आईसीआईसीआई बैंक के 5,033.81 करोड़ शामिल है. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 6,793 धोखाधड़ी के मामलों की रिपोर्ट की, जिसमे 23,734.74 करोड़ शामिल हैं.

जबकि एचडीएफसी बैंक द्वारा 2,497 ऐसे मामले में 1,200.79 करोड़ शामिल थे. केंद्रीय बैंक द्वारा आरटीआई के जवाब में ये आंकडे दिए गए हैं. बैंक ऑफ बड़ौदा ने 2,160 धोखाधड़ी के मामलों (12,962.96 करोड़), पंजाब नेशनल बैंक 2,047 धोखाधड़ी (28,700.74 करोड़) और एक्सिस बैंक ने 1,944 धोखाधड़ी के मामलों 5,301.69 करोड़ की धोखाधड़ी देखी.

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स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर द्वारा धोखाधड़ी के कुल 274 मामलों की रिपोर्ट की गई, जिसमें 694.61 करोड़, जम्मू और कश्मीर बैंक लिमिटेड ने 1639.9 करोड़ के 142 मामले दर्ज किए. यस बैंक लिमिटेड ने 102 धोखाधड़ी के मामलों की रिपोर्ट की जिसमें 311.96 करोड़ और पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड ने 0.02 करोड़ (या lakh 2 लाख) के दो मामलों की सूचना दी.

पीटीआई ने 3 जून को बताया था कि वाणिज्यिक बैंकों द्वारा धोखाधड़ी के 6,801 मामले दर्ज किए गए थे और चुनिंदा वित्तीय संस्थानों ने पिछले वित्त वर्ष में 71,542.93 करोड़ की राशि शामिल की थी, जो आरबीआई के डेटा के हवाले से थे.

इसके प्रकाशित होने के बाद, कांग्रेस पार्टी ने अगले दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मांग की कि भाजपा सरकार देश में बढ़ते बैंक धोखाधड़ी पर श्वेत पत्र जारी करे.

First published: 12 June 2019, 16:51 IST
 
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