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पेट्रोल-डीजल के बाद अब नोटों के लिए तरसेंगे लोग

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 May 2018, 12:40 IST

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है, युवा बेरोजगारी से परेशान हैं. वहीं बैंक कर्मचारी अपनी सैलरी बढ़ाने की मांग पर अड़े हुए हैं. बुधबार से देशभर में करीब 10 लाख बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर चले जाएंगे. जिससे आपको बैंक से संबंधित काम करने में परेशानी आ सकती है.

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों तथा अधिकारी 30 मई से दो दिन की हड़ताल करेंगे. बैंककर्मी वेतन में केवल दो प्रतिशत की वृद्धि के विरोध हड़ताल करने जा रहे हैं. बता दें कि वेतन वृद्धि को लेकर पांच मई 2018 को हुई बैठक में आईबीए ने दो प्रतिशत वृद्धि की पेशकश की.

बैंक कर्मचारी इंडियन बैंक एसोसिएशन की इसी सिफारिश से नाराज हैं. वहीं बैंक कर्मचारी सैलरी वृद्धि को भी कम बता रहे हैं. कर्मचारी आयोग के अतिरिक्त चीफ राजन वर्मा ने भी बैंक यूनियन से भी मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने हड़ताल से संबंधित मुद्दों को हल करने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला. वहीं आईबी के माध्यम से बैंकरों ने कहा है कि वो प्रस्तावित वेतन वृद्धि पर पुनर्विचार के इच्छुक हैं.

लेबर कमिश्नर और बैंक कर्मचारियों के बीच बातचीत विफल होने के बाद आईबीए ने कर्मचारियों को कोई नया प्रस्ताव भी नहीं दिया. इसके बाद ऐसा माना जा सकता है कि यह हड़ताल होगी. हालांकि, सरकार ने अब तक इस मामले में सीधा दखल नहीं दिया है.

यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक देविदास तुलजापुरकर का कहना है कि पिछले तीन साल में बैंक कर्मचारियों ने सरकार की तमाम योजनाओं जैसे जन-धन, नोटबंदी, मुद्रा और अटल पेंशन योजना को लागू करने में काफी मेहनत की. उन्होंने तय वक्त से काफी ज्यादा और जिम्मेदारी भरा काम किया. इससे उन पर भार बढ़ा. उनका कहना है कि पिछले वेज सेटलमेंट (1 नवंबर 2012 से 31 अक्टूबर 2017) में 15 फीसदी सैलरी बढ़ाई गई थी.

 

बता दें कि नवंबर 2017के बाद से बैंक कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्‍तरी नहीं हुई है. डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज, वित्‍त मंत्रालय और भारत सरकार की ओर से आईबीए को बैंक कर्मचारियों के वेतन में जल्‍द बढ़ोत्‍तरी के लिए दो बार लेटर लिखा था. लेकिन आईबीए ने बातचीत की प्रक्रिया में देरी की और मीटिंग के 10 राउंड में केवल मैनेजमेंट और नॉन-फाइनेंशियल मुद्दों पर चर्चा की गई.

उसके बाद 5 मई 2018 की मीटिंग में आईबीए ने केवल 2 फीसदी की वेतन वृद्धि का प्रस्‍ताव रखा, जिसे बैंक यूनियन्‍स ने अस्‍वीकार कर दिया। इसके बाद उन्‍होंने 30 और 31 मई को राष्‍ट्रव्‍यापी हड़ताल का फैसला लिया. नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स का कहना है कि हड़ताल को रोकने के लिए सरकार को आईबीए को बैंक कर्मचारियों के वेतन में जल्‍द से जल्‍द उचित बढ़ोत्‍तरी किए जाने को कहना चाहिए. लेकिन, सरकार ने अब तक अपना रुख साफ नहीं किया है.

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First published: 29 May 2018, 12:33 IST
 
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