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बैंकरों का अनुमान- रूपये के लिए सबसे खराब साबित हो सकता है ये हफ्ता, छू सकता है 70 का अंक

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2018, 15:11 IST

अमेरिकी डॉलर में मजबूती, विदेशी निवेश की कमी और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने रूपये की चिंता और भी बढ़ा दिया है. बैंकरों का कहना है कि यह रुपया जल्द 70 / डॉलर के निशान को पार कर सकता है. बैंकरों के अनुसार रुपये के लिए 69.30 एक महत्वपूर्ण स्तर बना हुआ है. रुपया 28 जून को डॉलर के मुकाबले 69.10 के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया था. गुरुवार को यह 68.95 पर बंद हुआ.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने कहा, "कच्चे तेल की कीमतों के कारण चालू खाता घाटा बढ़ने की चिंताएं और तेल कंपनियों और आयातकों से डॉलर की मांग रुपये पर असर डाल रही है. उनका कहना है कि यह इस सप्ताह रुपया 70 अंक को छू सकता है. जिन कंपनियों को अपने बाहरी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) का भुगतान करना है, वे भी अमेरिकी मुद्रा का भंडार कर रहे हैं.

एक और बैंकर ने कहा, "आरबीआई रुपये को 69.30 से नीचे गिरने की इजाजत नहीं देगा. अगर यह इस स्तर का उल्लंघन करता है, तो रुपया किसी भी समय 70 स्तर तक पहुंच जाएगा." 29 जून को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 406.058 बिलियन डॉलर था. विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर सभी एशियाई मुद्राओं पर दबाव डाल रहा है, लेकिन रूपये पर अब तक सबसे बुरा असर पड़ा है.

एक अन्य बैंकर ने कहा कि घरेलू इक्विटी बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) का प्रवाह भी अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के कारण घट गया है. बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बीओएफएएमएल) की एक रिपोर्ट के मुताबिक आरबीआई की दरों में बढ़ोतरी अक्सर रुपये को चोट पहुंचाती है. 6 जून को रेपो दर वृद्धि के बाद रुपये में 1.9% की गिरावट आई है.

दिसम्बर में एफपीआई प्रवाह में देरी, डॉलर के मुकाबले रुपए 70 से ज्यादा हो सकती है और आरबीआई गिरावट को रोकने के लिए एनआरआई बांड जारी कर सकता है. बीओएफएएमएल ने रिपोर्ट में कहा, "हमें लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक 30-35 अरब डॉलर जुटाने के लिए एनआरआई बांड जारी कर सकता है, अगर एफपीआई प्रवाह दिसंबर तिमाही तक सुधरता नहीं है.

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First published: 8 July 2018, 15:08 IST
 
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