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एनपीए से जूझ रहे बैंकिंग सेक्टर को 25,000 करोड़ रुपये का बेल आउट

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 February 2016, 17:21 IST
QUICK PILL
  • सरकारी बैंकों को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने बैंकों के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है.बढ़ते एनपीए की वजह से न केवल बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है बल्कि इंफ्रास्ट्रक्च के बड़े प्रोजेक्ट की फंडिंग जुटाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
  • वित्त वर्ष 2016-17 में सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2.21 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा है. इसके अलावा बंदरगाह विकास के लिए सरकार ने 800 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. 

तीसरा बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मजबूत विकास दर बनाए रखने की दिशा में बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की अहमियत पर खासा बल दिया. 

सरकारी बैंकों को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने बैंकों के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है.  उन्होंने कहा कि अगर आगे जरूरत पड़ी और अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा.

जेटली ने कहा, 'सरकारी बैंकों में 50 फीसदी हिस्सेदारी रखे जाने पर विचार किया जा रहा है.' बैंकों के लिए पिछले कुछ सालों से बढ़ना एनपीए बड़ी समस्या बनी हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने भी बैंकों से बड़े डिफॉल्टारों की सूची मांगी है. 

बढ़ते एनपीए की वजह से न केवल बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है बल्कि इंफ्रास्ट्रक्च के बड़े प्रोजेक्ट की फंडिंग जुटाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जेटली ने कहा कि सरकार का पैसा गरीबों और जरूरतमंदों तक बिना किसी अड़चन के पहुंचनी चाहिए.

सरकार ने वित्त वर्ष 2016-17 में बैंकों के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है

सरकार की घोषणा को बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. बजट के बाद एसऐंडपी बीएसई बैंकिंग इंडेक्स करीब 168 अंक चढ़कर बंद हुआ. आईसीआईसीआई बैंक जहां 2.90 फीसदी की मजबूती के साथ 190 रुपये पर बंद हुआ वहीं कोटक महिंद्रा बैंक 2.35 पर्सेंट की तेजी के साथ 630.25 रुपये पर बंद हुआ.

सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भी 1.38 पर्सेंट चढ़कर 158.40 पर बंद हुआ. एचडीएफसी, यस बैंक और फेडरल बैंक के शेयरों में 0.33 पर्सेंट से 1.32 पर्सेंट की तेजी दर्ज की गई. हालांकि एक्सिस बैंक करीब 3 फीसदी तक टूट गया.

जेटली ने कहा कि हमें विरासत में कमजोर अर्थव्यवस्था मिली थी लेकिन अब हमारी स्थिति मजबूत है. उन्होंने कहा कि आईएमएफ ने भी भारत पर भरोसा जताया है. 

बीमा सेक्टर पर बड़ी घोषणा

बजट के दौरान जेटली ने सरकार के नियंत्रण वाली चार बीमा कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराए जाने का प्रस्ताव रखा.

न्यू इंडिया अश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड सरकार की पूर्ण नियंत्रण वाली कंपनी है. इसके अलावा ईसीजीसी और एलआईसी भी सरकार के नियंत्रण में है.

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बीमा सेक्टर को बाजार में सूचीबद्ध किए जाने को लेकर विवाद होता रहा है. बीमा सुधार पर वामपंथी दल सरकार का जबरदस्त विरोध करते रहे हैं.

इंफ्रा पर फोकस

बुनियादी संरचना पर विशेष ध्यान देते हुए जेटली ने कहा कि सरकार की योजना देश में 10,000 किलोमीटर एनएच बनाने की है. इसके अलावा 2016-17 में सरकार की योजना स्टेट हाईवे में 50,000 किलोमीटर का विस्तार करने की है.

वित्त वर्ष 2016-17 में सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2.21 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा है

बजट भाषण के दौरान सरकार ने कहा, 'करीब 85 फीसदी लंबित परियोजनाओं को फिर से शुरू किया जा चुका है.' जेटली ने कहा कि प्रोजेक्ट की फंडिंग को पूरा करने की दिशा में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया बॉन्ड की मदद से 15,000 करोड़ रुपये जुटाएगी. 

वित्त वर्ष 2016-17 में सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2.21 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा है. इसके अलावा बंदरगाह विकास के लिए सरकार ने 800 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. 

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First published: 29 February 2016, 17:21 IST
 
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