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BATA को ग्राहक से पेपर बैग के लिए 3 रुपए लेना पड़ा महंगा, बदले में चुकाना पड़ा भारी जुर्माना

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 April 2019, 11:11 IST

अक्सर आपके साथ ऐसा हुआ होगा कि आपने शो-रूम से हजारों रुपए का सामान खरीद है. लेकिन वहां आपको एक छोटे से पेपर के लिए ती-चार रुपए चुकाना पड़ता है, भले की आपने लाखों रुपए की शॉपिंग ही क्यों ना की हो.

ऐसे में बहुत से लोगों ने अपनी नाराजगी भी जताई है, लेकिन फिर भी इसके लिए आपको अलग से पैसे चुकाने ही पड़ते हैं. लेकिन ऐसा करना इस बार बाटा को महंगा पड़ गया, महज तीन रुपए के चक्कर में बाटा को नौ हजार रुपए का जुर्माना भरना पड़ा. इसके साथ ही बाटा को सेवाओं में कमी और पेपर बैग के भुगतान को लेकर चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम ने फटकार भी सुनना पड़ा.

कंज्यूमर फोरम ने कंपनी को निर्देश दिए हैं कि वे सामान खरीदने वाले अपने सभी ग्राहकों को फ्री कैरी बैग दे. दरअसल, चंडीगढ़ के सेक्टर 23-बी में रहने वाले दिनेश प्रसाद ने अप्रैल में सेक्टर 22-डी स्थित बाटा शो रूम से एक जोड़ी जूता खरीदा.

दिनेश ने जूते के एवज में स्टोर को 402 रुपए का भुगतान किया. जूते के इस बिल में पेपर बैग भी शामिल था, जिसे देखकर दिनेश ने चंडीगढ़ उपभोगता फोरम में पेपर बैग के एवज में लिए 3 रुपए को रिफंड करने की शिकायत दर्ज करवाई. कंपनी ने पहले ग्राहक के आरोपों का खंडन किया था. बाद में फोरम ने कंपनी को सेवा में असुविधा का दोषी ठहराते हुए कंपनी पर जुर्माना लगा दिया.

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ग्राहक दिनेश के मुताबिक, जब बिल में उन्होंने पेपर बैग के लिए 3 रुपए का बिल देखा, तो उन्होंने स्टोर से तीन रुपए रिफंड मांगे थे और कंपनी के सर्विस पर सवाल उठाए. इस मामले में चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम का कहना है कि ग्राहकों को पेपर बैग के भुगतान करना जरूरी नहीं है, कंपनी की ये सर्विस खराब सर्विस को दर्शाता है. कंपनी को पेपर बैंग मुफ्त में देना चाहिए. ग्राहकों से पेपर बैग के पैसे नहीं लेना चाहिए.

इस मसले पर फोरम ने कहा कि यदि कंपनियां पर्यावरण की चिंता सच में है तो उन्हें ग्राहकों को पर्यावरण के अनुकूल ही बैग देना चाहिए. इस फैसले में फोरम ने कंपनी से पेपर बैग के पैसे लौटाने को कहा है. इसके साथ ही 1000 हजार रुपए और मानिसक पीड़ा देने के लिए 3 हजार रुपए भुगतान करने का आदेश दिया. साथ ही कंपनी को विवाद निवारण आयोग के लीगल एड अकाउंट में 5000 रुपये जमा करने का भी आदेश दिया है.

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First published: 15 April 2019, 11:11 IST
 
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