Home » बिज़नेस » Before getting Nobel, Abhijeet Banerjee gave this advice to Modi government
 

नोबेल मिलने से पहले अभिजीत बनर्जी ने मोदी सरकार को दी थी ये सलाह

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 October 2019, 9:34 IST

नोबेल से सम्मानित किए जाने के कुछ दिन पहले, अभिजीत बनर्जी ने भारत की आर्थिक मंदी को कम करने के कारणों के रूप में रीसेंट्रलाइजेशन को दोषी ठहराया था. बनर्जी ने मनरेगा मजदूरी बढ़ाने सहित कई उपायों का सुझाव देते हुए सरकार को संस्थानों को मजबूत बनाने, प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा हस्तक्षेप को दूर करने और स्पष्ट रूप से राजनीति से प्रेरित दिखने वाले मामलों को वापस लेने की सलाह दी थी.

सोमवार को अर्थशास्त्र में नोबेल मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनर्जी को बधाई दी थी. 9 अक्टूबर को बनर्जी ने अमेरिका में ब्राउन विश्वविद्यालय में ओपी जिंदल व्याख्यान में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के जवाब में बोलते हुए नीतिगत कदमों के लिए एनडीए सरकार पर निशाना साधा. इस दौरान बनर्जी ने पिछली कांग्रेस सरकार की नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सूचना के अधिकार अधिनियम जैसी पहल के लिए सराहना की.

 

फ़रवरी, 2016 में जब जेएनयू को लेकर हंगामा हुआ था तब अभिजीत बनर्जी ने हिंदुस्तान टाइम्स अख़बार में एक लेख लिखा था. इस लेख का शीर्षक था "वी नीड थिंकिंग स्पेसेज़ लाइक जेएनयू एंड द गर्वनमेंट मस्ट स्टे आउट ऑफ़ इट" . इसक मतलब था हमें जेएनयू जैसे सोचने-विचारने वाली जगह की ज़रूरत है और सरकार को निश्चित तौर पर वहां से दूर रहना चाहिए. इस लेख में अभिजीत ने बताया था कि उन्हें 1983 में अपने दोस्तों के साथ तिहाड़ जेल जाना पड़ा था.

एक टीवी चैनल से बात करते अभिजीत बनर्जी ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर में गिरावट, जो अप्रैल से जून तिमाही में 5% तक फिसल गई, एक बड़ी चिंता का विषय है. बनर्जी ने कहा कि सरकार को लागू करने से पहले गरीबी उन्मूलन नीतियों का मूल्यांकन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत में नई नीतियों की घोषणा से लगता है कि उनका एक राजनीतिक उद्देश्य है.

नोबेल मिलने के बाद अभिजीत बनर्जी ने एक अमेरिकी  चैनल से बातचीत में कहा ''भारतीय अर्थव्यवस्था डगमगाई हुई है. अभी उपलब्ध आंकड़े यह भरोसा नहीं जगाते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था जल्द सुधरने वाली है. उन्होने कहा  ''मौजूदा (ग्रोथ) डेटा को देखने के बाद इसको (निकट भविष्य में इकॉनमी रिवाइवल) लेकर भरोसा नहीं किया जा सकता है. पिछले 5-6 साल में हमने कुछ गति देखी, लेकिन अब यह भरोसा भी जा चुका है.''

HAL के 20,000 कर्मचारी हड़ताल पर, वेतन को लेकर कर रहे हैं ये मांग

First published: 15 October 2019, 9:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी