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बजट से पहले अपनी मांगों के साथ वित्त मंत्री से मिलने पहुंचे RSS के संगठन

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 June 2019, 9:09 IST

रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करने की मांग और बेरोजगारी के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों नरेंद्र मोदी सरकार को अपनी उम्मीदों से अवगत कराया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम), भारतीय किसान संघ (बीकेएस), भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) और लगु उद्योग भारती (एलयूबी) सहित आरएसएस के प्रतिनिधियों ने 15 जून को बजट से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की. आम बजट 5 जुलाई को संसद में पेश किया जाएगा.

रिपोर्ट के अनुसार बीकेएस ने सुझाव दिया है कि कृषि आदानों को जीएसटी से मुक्त किया जाए और सरकार से किसानों के लिए कृषि ऋण को अनुकूल बनाने के लिए एक समान नीति बनाने को कहा. BKS के राष्ट्रीय संगठन सचिव दिनेश कुलकर्णी ने कहा, “सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में 22,000 स्थानीय बाजारों को मजबूत करने का मुद्दा उठाया था. इसकी समीक्षा की जानी चाहिए.

 

दालों का आयात कम करने की मांग 

बीकेएस दालों के आयात में वृद्धि के भी खिलाफ है और उसने मांग की है कि सरकार को बढ़ते आयातों की योजनाओं को रद्द करना चाहिए. उन्होंने कहा “वर्तमान में हम दो लाख टन दालों का आयात करते हैं और इसे बढ़ाकर चार लाख टन करने के लिए बातचीत हुई है. बीकेएस का मानना है कि हमें मानसून का इंतजार करना चाहिए. उम्मीद है कि उत्पादन में सुधार होगा.

एसजेएम ने छोटे उद्योगों के लिए वातावरण को अनुकूल बनाने की दिशा में बजट में प्रावधानों की मांग के अलावा रोजगार सृजन और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया. यह भी बताया कि सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की योजनाएं लागू करनी चाहिए. बीएमएस ने औद्योगिक विकास के अनुपात में मजदूरी में वृद्धि की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि गुणवत्ता के बिना नौकरियों के सृजन ने देश में प्रति व्यक्ति वेतन कम किया है.

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First published: 25 June 2019, 9:09 IST
 
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