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Jio की आंधी में Airtel की 15 साल की बादशाहत छिनी, इस कंपनी को मिला नंबर वन का ताज

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2018, 11:59 IST
(file photo )

पिछले 15 साल से भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में बादशाहत रखने वाली भारती एयरटेल अब देश की नंबर एक टेलीकॉम कंपनी नहीं है. जियो के आने के बाद भारती एयरटेल जैसी तमाम कंपनियाों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. ये कंपनियां जियो के सस्ते टैरिफ प्लान का सामना नहीं कर सकी.

जियो के सस्ते टैरिफ प्लान से इस कंपनियों की कमाई पर असर पड़ा है. जियो को टक्कर देने के लिए आइडिया और वोडाफोन को साथ आने के लिए मजबूर होना पड़ा. 20 मार्च 2017 को आइडिया और वोडाफोन ने अपने विलय का ऐलान किया. दोनों कंपनियों के विलय को अब NCLT से मंजूरी मिल गई है. इसके साथ ही आइडिया और वोडाफोन विलय के बाद देश की नंबर एक कंपनी बन गए हैं.

इस खबर के बाद आइडिया के शेयर डिमांड बढ़ गई. शुक्रवार को आइडिया के शेयर भाव में 1.81 फीसदी की तेजी रही. आइडिया के शेयर की कीमत 50.75 रुपये हो गई. वहीं, दूसरी भारती एयरटेल को बड़ा नुकसान हुआ है. एयरटेल के शेयर भाव में 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ प्रति शेयर 382.75 रुपये हो गया.

प्रतीकात्मक फोटो

आइडिया और वोडाफोन के विलय को मंजूरी के बाद ये नई कंपनी सब्सक्राइबर और आय के मामले में अब नंबर एक स्थान पर आ गई है. दोनों के विलय से बनी नई कंपनी के देश में 44 करोड़ सब्सक्राइबर हैं. इसका भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में 34.7 फीसदी हिस्सा हो गया है. इस कंपनी की आय 60 हजार करोड़ के करीब रहने का अनुमान है. वर्तमान में देश में तीन बड़ टेलीकॉम कंपनियां है. इसमें रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया शामिल हैं. आइडिया और वोडाफोन विलय के बाद भले ही नंबर वन कंपनी बन गई है, लेकिन उसके सामने इस प्रतिस्पर्धा में सबसे बड़ी चुनौती 4जी सेवा पर ध्यान देना है.

प्रतीकात्मक फोटो

आइडिया-वोडाफोन के विलय से बनी कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला होंगे

आइडिया और वोडाफोन NCLT की मंजूरी के बाद देश की नंबर एक कंपनी बन गए हैं. NCLT की मंजूरी किसी भी विलय का आखिरी चरण है. इसके बाद नई कंपनी रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में रजिस्टर होगी. इस नई कंपनी के चेयरमैन की जिम्मेदारी आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला संभालेंगे. वहीं, वोडाफोन के सीओओ बालेश शर्मा इस नई कंपनी के सीईओ होंगे. NCLT की मंजूरी की बाद इन दोनों कंपनियों के विलय से 70 हजार करोड़ रुपए की बचत होने की संभवना है.

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First published: 31 August 2018, 11:59 IST
 
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