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अंबानी के Jio ने जीती एयरटेल और वोडाफोन से ग्राहक हथियाने की लड़ाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 November 2018, 12:32 IST

दो साल पहले टेलिकॉम सेक्टर में कदम रखने वाली मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने भारती एयरटेल और वोडाफोन के सामने मुश्किल खड़ी कर दी है. हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि दोनों स्थापित कंपनियां अब अपने ग्राहकों को बचाने में जुटी हुई हैं. सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक सभी पुराने टेलिकॉम ऑपरेटरों ने सितंबर के महीने में बड़ी संख्या में अपने ग्राहकों को खो दिया है.

आइडिया को इस सूचि में वोडाफोन के बाद सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. उसे कुल 40 लाख से अधिक ग्राहकों का नुकसान हुआ है जबकि वोडाफोन को 40 लाख 60 हजार ग्राहकों का नुक्सान हुआ है. इसी तरह देश के सबसे बड़े ऑपरेटर एयरटेल के 20 लाख 35 हजार ग्राहकों ने उसका नेटवर्क छोड़ दिया.

हालांकि सितंबर महीने में रिलायंस जियो के ग्राहकों का का आंकड़ा पता नहीं चल सका क्योंकि उसने सीओएआई (COAI) के साथ अपनी संख्या साझा नहीं की. जियो ने पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में ग्राहकों की संख्या को जोड़ा है. जियो ने सितंबर के अंत तक 252 मिलियन ग्राहक जोड़ लिए थे. जियो ने यह आंकड़ा लॉन्च के बाद 25 महीने की अवधि में एकत्रित किया है.

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी रिसर्च के विश्लेषकों के मुताबिक रिलायंस जियो का शुद्ध राजस्व पिछले तिमाही में भारती एयरटेल लिमिटेड के वायरलेस राजस्व को पार कर सकता है. अगर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) इकाई गति को बरकरार रखती है तो यह 2018 के अंत तक जियो देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी के रूप में उभर सकती है.

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी रिसर्च के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा "हम उम्मीद करते हैं कि भारती एयरटेल के नेट इंडिया वायरलेस राजस्व वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में 87-88 बिलियन के आसपास होने की उम्मीद है. कोटक इंस्टीट्यूशनल के अनुसार रिलायंस जियो की 92.4 अरब डॉलर की राजस्व इंटरकनेक्ट का शुद्ध राजस्व है.

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First published: 3 November 2018, 12:29 IST
 
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