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GST दरों में बड़ा बदलाव, जानिए क्या हुआ सस्ता-क्या महंगा?

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 January 2018, 13:01 IST

बजट से पहले सरकार ने 83 वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी हैं. जानकारों की माने तो इससे सरकार के राजस्व पर मामूली असर पड़ सकता है लेकिन इससे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. वित्त मंत्री ने कहा कि सेवाओं की 54 श्रेणियों और 29 वस्तुओं पर जीएसटी दरें तर्कसंगत बना दी गई हैं.

सरकार द्वारा इन वस्तुओं पर दरें कम करने के बाद राजस्व पर असर पड़ने की उम्मीद है. गौरतलब है कि इससे पहले नवंबर में 80,000 करोड़ रुपये का जीएसटी से रेवेन्यु कलेक्शन हुआ था. हालांकि 15 जनवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 18.7 फीसदी बढ़ गया, जबकि बजट में चालू वित्त वर्ष के लिए 15.7 फीसदी बढ़ोतरी का ही लक्ष्य था.

इन पर घटे दाम

सार्वजनिक परिवहन की बायोफ्यूल से चलने वाली बसें, पुरानी एसयूवी, बड़ी कारें और मीडियम कारों पर दरें 28% से 18% कर दी गयी हैं. एसयूवी, मध्यम और बड़ी कारों को छोड़कर अन्य वाहन पर जीएसटी 28% से 12% किया गया है.

सुगर बॉइल्ड कन्फेक्शरी, 20 लीटर की बोतल में पेयजल, खाद में इस्तेमाल होने वाला फॉस्फोरिक एसिड, बॉयोडीजल, बॉयो पेस्टीसाइड्सडिप. इरीगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर्स, मेकेनिकल स्प्रेयर्स, बांस की सीढ़ी पर जीएसटी 18% से 12% कर दिया गया है.

मेहंदी के कोन, इमली का पाउडर, निजी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा घरों में आपूर्ति की जाने वाली एलपीजी, सैटेलाइट्स और लांच व्हीकल में इस्तेमाल होने वाले वैज्ञानिक और तकनीकी उपकरण पर जीएसटी 18% से 5% कर दिया गया है.

स्ट्रॉ से बनी चीजें, वैल्वेट फेब्रिक पर जीएसटी जीएसटी 12% से 5% कर दिया गया है. टैक्‍स फ्री  भभूत, हियरिंग एड यानी सुनने की मशीनों में इस्तेमाल होने वाले पुर्जे, एसेसरीज डीऑइल्ड राइस ब्रान को टैक्स फ्री कर दिया गया है.

 

इन पर बढ़ी दरें

सिगरेट फिल्टर रोड्स पर दरें 12% से बढ़कर 18% हो गयी है. जबकि राइस ब्रान (डीऑइल्ड राइस ब्रान के अलावा) पर दरें 0% से बढ़कर 5% हो गयी हैं.

इन सेवाओं पर टैक्स घटा

आरटीआइ के तहत सूचना मुहैया करने, सरकार या स्थानीय निकाय द्वारा दी जाने वाली विधिक सेवाएं, भारत से बाहर विमान या समुद्र के रास्ते सामान भेजने, विद्यार्थियों, फैकल्टी और स्टॉफ को ले जाने के लिए माध्यमिक स्तर तक शैक्षिक संस्थानों को परिवहन सेवाएं टैक्स फ्री कर दी गयी हैं.

टेलरिंग सेवाएं, पेट्रोल व एटीएफ जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई पर इनपुट क्रेडिट के बगैर, लैदरगुड्स के जॉब वर्क पर जीएसटी 18% से 5% किया गया है.

First published: 19 January 2018, 13:01 IST
 
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