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भाजपा की जीत के जश्न में डूबा शेयर बाजार, निफ्टी ने लगाई उच्चतम छलांग

भावेश शाह | Updated on: 15 March 2017, 8:24 IST

बाजार में तीन बड़ी फर्मों- रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी और एचडीएफसी के शेयर सूचकांक उच्चतम स्तर पर हैं, इसके बावजूद कि कुल स्टॉक का महज एक तिहाई ही मार्च 2015 से ज्यादा है. विधानसभा चुनावों में भाजपा की जबर्दस्त जीत से बाजार में तेजी आई और मंगलवार को सूचकांक 9, 122 था. शेयर मार्केट के लिए यह जश्न का मौका था, क्योंकि भारत के बेंचमार्क स्टॉक मार्केट का सूचकांक दो साल बाद इस आंकड़े पर पहुंचा था.

हालांकि, आर्थिक आंकड़ा (7 प्रतिशत जीडीपी विकास), जो भारत को विश्व में तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना रहा है, उससे सही तस्वीर सामने नहीं आती, इसलिए द नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) की निफ्टी का उच्चतम सूचकांक महज धोखा है.

निफ्टी पर सूचीबद्ध एनएसई के 50 प्रमुख शेयरों का सूचकांक जो मंगलवार को 9,122 रहा, वह 4 मार्च 2015 के 9,119 के सूचकांक से ज्यादा था. मुनाफा वसूली की कुछ राशि ने निफ्टी को 9090 के स्तर पर आने पर विवश किया, पर यह शुक्रवार की तुलना में अब भी 1,75 प्रतिशत ज्यादा था.

इससे बैंक निफ्टी-बैंकिंग सेक्टर के लिए बेंचमार्क सूचकांक का स्तर भी उच्चतम रहा. इस बीच बीएसई का सेंसेक्स 615 पॉइंट्स बढक़र 29,561 हुआ, पर 30, 024 के उच्चतम स्तर से कम रहा.

हालांकि यह महज सूचकांक का स्तर है, जिससे बाजार के हाल की झलक मिलती है. फिलहाल यह निवेशकों से कह रहा है कि यह उच्चतम स्तर है.

जब मार्च 2015 में वापस उच्चतम स्तर का सूचकांक हो गया था, निफ्टी के सात स्टॉक्स सूचकांक का हिस्सा थे. अब इन स्टॉक्स की जगह अन्य स्टॉक्स ने ले ली है. बाकी के 43 स्टॉक्स में से केवल 14, 4 मार्च 2015 के पहले वाले स्तर से उंचे हैं.

दूसरी ओर, टीसीएस, इंफोसिस, ओएनजीसी जैसी बड़ी पूंजी वाली फर्में, दो उच्चतम स्तर के सूचकांकों के बीच, निफ्टी में 15.8 प्रतिशत के संयुक्त भारित से कोई लाभ नहीं दे पाई हैं क्योंकि तीनों के शेयरों में गिरावट है.

 

बड़ी पूंजी की प्रमुख फर्में

तीन बड़ी पूंजी वाली फर्मों-रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति सुजुकी और एचडीएफसी बैंक का संयुक्त भारित शेयर निफ्टी सूचकांक का 15.37 प्रतिशत है. सूचकांक में रिलायंस के 6.70 प्रतिशत हैं. जब इसमें 1 प्रतिशत बढ़ोतरी होती है, तो मार्केट 0.12 प्रतिशत ऊपर चला जाता है.

रिलायंस 46.38 प्रतिशत ऊपर चला गया, 508.89 पॉइंट्स का योगदान करते हुए या निफ्टी का स्तर 5.61 प्रतिशत ऊंचा ले जाते हुए. मारुति सुजुकी ने 64.2 प्रतिशत बढ़ोतरी से 3.4 प्रतिशत या 304 पॉइट्स का योगदान किया. इसी तरह एचडीएफसी बैंक को दो उच्चतम सूचकांकों के बीच 32.4 प्रतिशत का मुनाफा हुआ और निफ्टी को बढ़ाने में 309 पॉइंट्स का योगदान किया.

कमजोर ऋण वृद्धि, मांग में कमी और डूबत कर्ज तीन मुख्य कारण हैं, जिनका भारतीय बैंकों के मुनाफे पर विपरीत असर पड़ा. हालांकि देश का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर ऋणदाता एचडीएफसी बैंक का शानदार प्रदर्शन रहा है. डूबत कर्ज, मुनाफे में वृद्घि, और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (निम)सेक्टर में वह अब भी श्रेष्ठ है. जहां इस पीरियड में अन्य सभी बैंकों के शेयर में गिरावट आई, एचडीएफसी बैंक शेयर की कीमत 32.8 प्रतिशत बढ़ गई.

कार की मांग और नए प्रोडक्ट आने से मारुति सुजुकी लोकप्रिय और सफल हो रही है. पिछले एक दशक से कारों की ब्रिकी में गिरावट आई, पर मारुति की 2013 से महीने दर महीने डबल-डिजिट ब्रिकी बढ़ रही है. नोटबंदी के दौरान भी उसकी अन्य गाडिय़ों से बिक्री तेजी से बढ़ी. पिछले दो सालों में मारुति के शेयर्स में 64.2 प्रतिशत की अपूर्व वृद्धि हुई है.

देश का तीसरा सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर फर्म रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड है. रिफाइनिंग और कंज्यूमर रीटेल शेयर्स के बिजनेस से करीब सात सालों तक व्यवसाय किया. कई बाहरी कारकों से कंपनी के राजस्व और मुनाफे में परेशानी रही. पर क्रांतिकारी 4 जी टेलीकॉम सेवाओं से शेयरों की नई खरीद नेे उनकी कीमत 46.3 प्रतिशत बढ़ा दी है.

First published: 15 March 2017, 8:24 IST
 
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