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BSNL कर्मचारियों का PM मोदी को पत्र, कहा- Jio से बड़ा है हमारा फाइबर नेटवर्क

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 October 2019, 9:17 IST

सरकारी स्वामित्व वाले भारत संचार निगम (बीएसएनएल) के कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बीएसएनएल को देरी किए बिना संकट से बाहर निकालने का आग्रह किया है. एक रिपोर्ट के अनुसार  BSNL के महासचिव के. सेबेस्टियन ने पीएम को लिखे पत्र में कहा, "कर्मचारियों को बहुत विश्वास है कि बीएसएनएल को तीन से चार वर्षों में पुनर्जीवित किया जा सकता है और लाभदायक बनाया जा सकता है." 26 सितंबर को बीएसएनएल के पुनरुद्धार पर पीएम के प्रधान सचिव पी के मिश्रा द्वारा बुलाई गई बैठक में यह सवाल तय नहीं हो सका कि क्या यह संभव है.

बीएसएनएल ने सरकार से अपने कर्ज को कम करने के के लिए वित्तीय मदद मांगी है. कंपनी का कहना है कि इसे संकट इ बाहर लाया जा सकता है. कर्मचारियों का यह भी कहना है कि अगर सरकार का समर्थन मिले तो वे निजी दूरसंचार कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं. सरकार ने बीएसएनएल को 4 जी स्पेक्ट्रम आवंटित नहीं किया, हालांकि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, बीएसएनएल की 3 जी सेवा विभिन्न शहरों में अन्य ऑपरेटरों की 4 जी सेवा से बेहतर है."

 

सबसे बड़ा है बीएसएनएल का फाइबर नेटवर्क

पत्र में यह भी कहा गया है कि बीएसएनएल का 750,000 रूट किलोमीटर से अधिक का ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क रिलायंस जियो (325,000), एयरटेल (250,000) और वोडाफोन आइडिया (160,000) से अधिक है. बीएसएनएल के पास सभी प्रमुख स्थानों पर अचल संपत्ति है, जिसकी कीमत 3 ट्रिलियन रुपये से अधिक है. इसमें 661,000 टावर संपत्तियां हैं और 90 प्रतिशत भारतनेट परियोजना का काम इसके द्वारा किया गया है.

कहा गया है कि प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों के दौरान जैसे जम्मू - कश्मीर में बीएसएनएल ने शानदार तरीके से प्रदर्शन किया है. बीएसएनएल के लगभग 176,000 कर्मचारियों के अगले पांच से छह वर्षों में सेवानिवृत्त होने का अनुमान है. अगर उनमें से आधे भी योग्य (50 साल से ऊपर) वीआरएस का विकल्प चुनते हैं, तो वह 40,000 लोग होंगे. 2018-19 में बीएसएनएल के नुकसान का अनुमान 14,000 करोड़ रुपये है. 2015-16 में यह आंकड़ा 4,859 करोड़ रुपये, 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये और 2017-18 में 7,993 करोड़ रुपये था.

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First published: 10 October 2019, 9:10 IST
 
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