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7वां वेतन आयोग: कर्मचारियों को बड़ा झटका, इस फैसले का लाखों कर्मियों पर होगा असर

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2019, 18:11 IST

आम बजट 2019 में कर्मचारियों को झटका देते हुए सरकार ने सातवें वेतन आयोग के तहत उनकी मांगों को दरकिनार कर दिया है. कर्मचारियों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट से काफी उम्मीदें थी जिसे तबज्जो नहीं दी गई. केंद्रीय कर्मचारी महंगाई का हवाला देते हुए सातवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन को बढ़ा कर 26 हजार रुपये किए जाने की मांग कर रहे थे लेकिन आयोग की सिफारिशों के तहत पूरा नहीं किया गया. मौजूदा समय में केंद्र के कर्मचारियों को 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन मिल रहा है.

लोकसभा चुनाव के पहले केंद्र ने कर्मचारी और पेंशन भोगियों के लिए डियरनेस अलाउंस (DA) और डियरनेस रिलीफ (DR) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की थी. केंद्र सरकार के इस कदम को उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में भी लागू किया जा चुका है. डियरनेस अलाउंस (DA) रोजमर्रा के खर्च पर महंगाई के असर को कम करने के लिए कर्मचारी को दिया जाता है. जैसे-जैसे महंगाई की दर बढ़ती है उसके अनुपात में समय-समय पर सरकार डियरनेस अलाउंस बढ़ाती है.

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हुई थी ये घोषणा

केंद्र सरकार ने चुनावी महौल के दौरान पेश किए अंतरिम बजट में घोषणा की थी कि अपनी सेवा के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के लिए इन्सेंटिव में वृद्धि की जाएगी. वहीं जिन केंद्रीय कर्मचारियों के पास पीएचडी डिग्री या इसके समकक्ष की डिग्री हासिल की है उन्हें 7वें वेतन आयोग की नई सिफारिशों के तहत 30,000 रुपये का प्रोत्साहन राशि दिया जाएगा. मास्टर्स डिग्री या एक साल का डिप्लोमा पूरा करने वालों को 25000 रुपये तक का इन्सेंटिव दिया जाएगा.

First published: 6 July 2019, 18:11 IST
 
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