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निर्मला सीतारमण ने तोड़ी 1860 से चली आ रही परंपरा, ब्रीफकेस में नहीं लाल रंग के कपड़े में आया बजट दस्तावेज

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 July 2019, 10:57 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोबारा सत्ता में आने के बाद आज अपना पहला बजट पेश करने जा रही है. इसे लेकर वित्त मंत्रालय की पहली तस्वीर सामने आई है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट अप्रूवल के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचीं.

इस दौरान सीतारमण वरिष्ठ अफसरों और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे. इस बार के बजट पेश होने से पहले कुछ तस्वीरें सामने आई है. इस तस्वीर में निर्मला सीतारमण बजट दस्तावेजों को ब्रीफकेस में नहीं, बल्कि लाल रंग के मखमली कपड़े में लपेटे हुए हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि ब्रीफकेस की जगह अब लाल रंग के कपड़े ने ले ली है. 

अब तक आपने देखा होगा कि वित्त मंत्री हमेशा एक ब्राउन कलर की अटैची में बजट के दस्तावेज को संसद पहुंचे थे. लेकिन इस बार जब निर्मला सीतारमण राष्ट्रपति से मिलने गई थीं, तो उनके हाथ में लाल रंग के कपटे से लिपटा हुआ बजट दिखा. इस बदलाव को काफी बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. भारत में लाल रंग के कपड़े में बही खाता को लपेटने की परंपरा है. आपने अबतक देखआ होगा कि किसी भी सरकारी दफ्तरों में लाल रंग के कपड़े में दस्तावेज लिपटे होते हैं.

मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "यह पश्चिमी विचारों की गुलामी से हमारे मुक्त होने का संकेत है. यह बजट नहीं है, यह बही खाता है."

1860 से ही बजट के दस्तावेजों को ब्राउन कलर की अटैची में लेकर आया जाता था. ब्राउन कलर की अटैची से बजट का काफी पुराना रिश्ता है. दरअसल, बजट फ्रांसीसी शब्द बॉगेटी से बना हुआ है. इस शब्द का अर्थ होता है लेदर का बेग. साल 1860 में ब्रिटेन के 'चांसलर ऑफ दी एक्सयचेकर चीफ' विलियम एवर्ट ग्लैडस्टन फाइनेंशियल दस्तावेजों को लेदर बैग में लेकर आए थे. इस लेदर के सूटकेस को ब्रिटेन की महारानी ने स्वयं ग्लैगडस्टमन को दिया था. तब से अबतक यह परंपरा चली आ रही है.

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First published: 5 July 2019, 10:57 IST
 
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