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इकोनॉमिक सर्वे: नोटबंदी से विकास दर प्रभावित, 2018 में 7.5 फीसदी GDP का लक्ष्य

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 January 2017, 14:18 IST
(पीआईबी)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने केंद्रीय बजट पेश करने से एक दिन पहले आज यानी 31 जनवरी को संसद में  वित्त वर्ष 2017-18 का आर्थिक सर्वेक्षण (इकोनॉमिक सर्वे) पेश किया. आर्थिक सर्वेक्षण में चालू वर्ष 2016-17 के लिए सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. 

बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण में 2018 में जीडीपी वृद्धि दर 6.75 से 7.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया है. इकोनॉमिक सर्वे की खास बात यह है कि नोटबंदी का 2016-17 की विकास दर पर असर पड़ा है. अगले तीन महीने तक इसका असर बने रहने का अनुमान लगाया गया है.   

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि नोटबंदी का असर अप्रैल 2017 तक बना रहेगा. नोटबंदी के बाद वर्ष 2017-18 में जीडीपी वृद्धि दर 6.75 प्रतिशत से लेकर 7.5 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है. दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए 2017-18 में अर्थव्यवस्था पर दबाव दिखने की संभावना है.

आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्‍य बातें

  • 2016-17 में विकास दर लक्ष्य 7.1%
  • 2018 में विकास लक्ष्य 6.75%-7.5% के बीच
  • इस साल मंहगाई दर स्थिर रही-करीब 5% के करीब
  • अप्रैल-नवंबर में अप्रत्यक्ष कर 26.9% बढ़ा
  • औद्योगिक सेक्टर चालू वित्त वर्ष में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज का अनुमान लगाया गया है, जो 2015-16 में 7.4 प्रतिशत थी.
  • एग्रीकल्चर सेक्टर में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है जो पिछले साल कृषि क्षेत्र में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी.
  • इस सर्वेक्षण में 2016-17 में सर्विस सेक्टर की ग्रोथ 8.8 फीसदी रहने का अनुमान लगया गया है जो 2015-16 में 8.9 फीसदी थी. 
  • साल 2016-17 में वित्तीय घाटा अर्थव्यवस्था का सिर्फ 3.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया जो, 2015-16 में 3.9 फीसदी था.
  • साल 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि घटकर 6.5 प्रतिशत रहने की संभावना है.
  • 2016-17 की पहली छमाही के दौरान चालू खाता घाटा 2015-16 की पहली छमाही के 1.5 प्रतिशत से घटकर जीडीपी के 0.3 प्रतिशत पर आ गई
  • सितम्‍बर 2016 के आखिर में भारत का विदेशी कर्ज 484.3 अरब डॉलर था जो कि मार्च 2016 के आखिर के स्‍तर की तुलना में 0.8 अरब डॉलर कम रहा
  • सेवा क्षेत्र के 2016-17 के दौरान 8.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्‍मीद है.
  • कृषि क्षेत्र के 2016-17 के दौरान 4.1 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्‍मीद है, जो कि 2015-16 के दौरान 1.2 प्रतिशत थी.
  • 2016-17 के लिए 13 जनवरी तक रबी फसलों के तहत कुल क्षेत्र 616.2 लाख हेक्‍टेयर रहा जो कि पिछले वर्ष के इस सप्‍ताह की तुलना में 5.9 प्रतिशत अधिक है.
  • 2016-17 के लिए 13 जनवरी तक चना दाल के तहत कुल क्षेत्र पिछले वर्ष के इस सप्‍ताह की तुलना में 10.6 प्रतिशत अधिक रहा.

First published: 31 January 2017, 14:18 IST
 
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