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अमेरिका में नौकरी के बढ़े अवसरों के दम पर निफ्टी और सेंसेक्स ने लगाई छलांग

अभिषेक पराशर | Updated on: 11 July 2016, 16:48 IST
QUICK PILL
  • अमेरिका के मजबूत जॉब डेटा की वजह से दुनिया के शेयर बाजारों में तेजी आई है. भारतीय बाजार हफ्ते के पहले दिन जबरदस्त मजबूती के साथ खुले. निफ्टी 11 महीनों के उच्चतम स्तर को छूने में सफल रहा.
  • वहीं अक्टूबर 2015 के बाद पहली बार बीएसई सेंसेक्स ने 450 अंकों की मजबूती के साथ 27,500  के स्तर पर को पार करने में सफल रहा. 
  • यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिसटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक जून में 287,000 रोजगार के मौके बने. यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत हैं.

अमेरिका में जॉब मार्केट की बेहतर स्थिति संबंधी आंकड़े आने के बाद सोमवार को भारतीय बाजार जबरदस्त मजबूती के साथ खुले. अगस्त 2015 के बाद से पहली बार निफ्टी 8,400 के स्तर को छूने में सफल रहा. वहीं बीएसई सेंसेक्स 231.33 अंक की मजबूती के साथ 27,358 पर खुला. एनएसई निफ्टी 90.15 अंक की मजबूती के साथ 8413.35 पर खुला.

सेंसेक्स 499.79 अंकों की मजबूती के साथ 27,626.79 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 144.70 अंक की मजबूती के साथ 8,467.90 पर बंद हुअा. निफ्टी के 48 शेयर हरे निशान में जबकि तीन शेयर लाल निशान में बंद हुए.

बीएसई सेंसेक्स में टाटा मोटर्स, अडानी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, कोल इंडिया, मारुति और एनटपीपसी में करीब 3 से 5 फीसदी की मजबूती आई. निवेशकों की चौतरफा खरीदारी की वजह से अन्य सभी अहम इंडेक्स भी हरे निशान में बंद हुए. 

एशियाई बाजार मजबूत

हफ्ते के पहले दिन एशियाई बाजारों में तेजी का रुख रहा. जापान का निक्केई 3.4 फीसदी जबकि हॉन्ग सेंग और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स करीब 1 फीसदी की मजबूती के साथ खुले.

भारत समेत एशियाई बाजार में आई तेजी की वजह वैश्विक रही. यूएस ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिसटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक जून में 287,000 रोजगार के मौके बने. यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत हैं. वहीं कुल बेरोजगारी दर बढ़कर 4.9 फीसदी हो गई. 

जून में अमेरिका में 287,000 रोजगार के मौके बने. यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत हैं.

अमेरिका में जून महीने में रोजगार के आंकड़े विश्लेषकों की उम्मीद से अधिक हैं. मई महीने में इन आंकड़ों से बाजार और निवेशकों को निराशा हुई थी. 

मई के खराब आंकड़ों के बाद डॉलर में गिरावट आई थी और फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले को टालने का निर्णय लिया था.

शुक्रवार को एसऐंडपी स्टॉक इंडेक्स रिकॉर्ड के साथ बंद हुआ था. डाउ जोंस इंडस्ट्रियल में करीब 248 अंक की तेजी आई. वहीं नैस्दक कंपोजिट करीब 1.5 फीसदी चढ़कर 4953.33 पर बंद हुआ.

वैश्विक कारणों के अलावा घरेलू कारणों से भी भारतीय शेयर बाजारों की तेजी को मजबूती मिली है.मार्च तिमाही के सुस्त नतीजे के बाद विश्लेषकों को जून तिमाही में कंपनियों के परिणाम उम्मीद के मुताबिक रहने की उम्मीद है. बाजार कंपनियों के मुनाफे में बढ़ोतरी को लेकर उम्मीद कर रहा है.  

इसके अलावा  मोदी सरकार मानसून सत्र में जीएसटी के पास होने की उम्मीद कर रही है. मानसूत्र सत्र की शुरुआत 18 जुलाई से हो रही है और यह 12 अगस्त तक चलेगा. जीएसटी के पास होने की स्थिति में भारत के जीडीपी में 2 फीसदी की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. 

पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री बढ़ी

सोमवार को सियाम के आंकड़े सामने आए. सियाम के आंकड़ों के मुताबिक जून महीने में देश में दुपहिया वाहनों की बिक्री में 12.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. 

वहीं व्यावसायिक वाहनों की बिक्री में 5.6 फीसदी की तेजी आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सवारी वाहनों की कुल बिक्री 223,454 रही जो पिछले महीने के मुकाबले 2.7 फीसदी अधिक है.

हालांकि कारों की बिक्री में 5.18 फीसदी की गिरावट आई है. सोसाएटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के आंकड़ों के मुताबिक जून महीने में कारों की बिक्री का आंकड़ा 1,62,655 से घटकरर 1,54,237 रह गया.

बीएसई ऑटो इंडेक्स 431 अंक मजबूत होकर 20139.96 पर बंद हुअा. ऑटो पैक में टाटा मोटर्स करीब 4 फीसदी से अधिक मजबूती के साथ बंद हुआ वहीं मारुति, हीरो मोटोकॉर्प, बॉश, बजाज ऑटो ऑर महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.69 फीसदी से 1.04 फीसदी उछलकर बंद हुए.

एसऐंडपी बीएसई मेटल इंडेक्स में 2 फीसदी से अधिक की तेजी आई है जबकि रियल्टी इंडेक्स 2.05 फीसदी की मजबूती पर बंद हुअा. रियल्टी स्टॉक में एनबीसीसी, गोदरेज प्रॉपर्टीज और ओबेरॉॅय रियल्टी सबसे मजबूत हैं जबकि मेटल इंडेक्स में जिंदल स्टील, कोल इंडिया, वेदांत और टाटा स्टील बड़े गेनर रहें.

बेहतर घरेलू संकेत

शुक्रवार को सरकार की तरफ से जारी प्रत्यक्ष कर के आंकड़ों की वजह से भी बाजार को बल मिला.  मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में केंद्र का प्रत्यक्ष कर संग्रह 1.24 लाख करोड़ रुपये रहा जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 24.8 फीसदी अधिक है.

वहीं पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अप्रत्यक्ष कर संग्रह में 30.8 फीसदी की मजबूती आई है.

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सरकार का अप्रत्यक्ष कर संग्रह 1.99 लाख करोड़ रुपये रहा. वहीं आरबीआई के डेटा के मुताबिक 1 जुलाई को खत्म हफ्ते में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भी तेजी आई.

1 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में  सरकार का विदेशी मुद्रा भंडार 2.374 अरब डॉलर बढ़करर 363.171 अरब डॉलर हो गया. पिछले हफ्ते देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 3.028 अरब डॉलर की गिरावट आई थी और यह कम होकर 360.797 अरब डॉलर रह गया था.

मजबूत रुपया

सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 23 पैसे की मजबूती के साथ खुला. पिछली बार के 67.39 के मुकाबले हफ्ते के पहले दिन 23 पैसे मजबूूत होकर 67.12 पर खुला. 

रुपये में आई मजबूती की वजह एक्सपोर्टर्स और बैंकों की तरफ से डॉलर की बिकवाली रही. घरेलू बाजार में इक्विटी में आई तेजी के बीच एक्सपोर्टर्स और बैंकों ने इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में जमकर डॉलर की बिकवाली की.

First published: 11 July 2016, 16:48 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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