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स्टॉक एक्सचेंजों में बढ़ी एफडीआई की सीमा

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 July 2016, 18:24 IST
QUICK PILL
  • रक्षा क्षेत्र में एफडीआई नियमों को उदार करने के बाद सरकार ने बुधवार को भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में एफडीआई को मौजूदा 5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने को मंजूरी दे दी.
  • 2016-17 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों में एफडीआई की मौजूदा सीमा को 5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने की घोषणा की थी.

मोदी सरकार एफडीआई को लेकर धड़ाधड़ फैसले ले रही है. रक्षा क्षेत्र में एफडीआई नियमों को उदार करने के बाद सरकार ने बुधवार को भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में एफडीआई को मौजूदा 5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने को मंजूरी दे दी. 

स्टॉक एक्सचेंज में होने वाले विदेशी निवेश के दायरे में डिपॉजिटरी, बैंकिंग कंपनी, बीमा कंपनी और कमोडिटी डेरिवेटिव एक्सचेंज आएंगे. कैबिनेट  सेकेंडरी मार्केट के अलावा आरंभिक आवंटन के जरिये एफपीआई (फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर) को शेयर खरीदे जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी.

2016-17 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों में एफडीआई की मौजूदा सीमा को 5 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किए जाने की घोषणा की थी. सरकार के इस फैसले के बाद बीएसई में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के शेयरों में करीब 5 फीसदी तक की उछाल देखने को मिली. 

सरकार के इस फैसले से भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी  और साथ ही इसकी मदद से उन्हें उन्न्त तकनीक  और दुनिया के मानक व्यवहारों को अपनाने में मदद मिलेगी. फिलहाल विदेशी निवेश समग्र तौर पर किसी एक्सचेंज में 49 फीसदी की हिस्स्सेदारी रख सकते हैं.

पहले हो चुके हैं बड़े फैसले

स्टॉक एक्सचेंजों में विदेशी निवेश की हिस्सेदारी की सीमा बढ़ाए जाने के फैसले के पहले मोदी सरकार एफडीआई नीति में बड़े बदलाव कर चुकी है. सरकार ने रक्षा, उड्डयन से लेकर ई-कॉमर्स में 100 फीसदी एफडीआई की मंजूरी दे चुकी है.

रक्षा क्षेत्र समेत अन्य क्षेत्रों में एफडीआई नियमों को उदार बनाए जाने के फैसले के बाद सरकार ने कहा था, 'अब एक छोटी नकारात्मक सूची को छोड़कर ज्यादातर क्षेत्र में एफडीआई स्वत: मंजूर मार्ग के तहत की जा सकती है. इन बदलावों के बाद अब भारत एफडीआई के मामले में दुनिया की सबसे खुली अर्थव्यवस्था होगी.'

रक्षा क्षेत्र में हो चुके हैं बड़े बदलाव

रक्षा क्षेत्र के लिए उन मामलों में एफडीआई 49 फीसदी से ऊपर होगी जिनसे देश को आधुनिक तकनीक मिल सकती है. रक्षा क्षेत्र में अब तक 49 फीसदी से अधिक एफडीआई के प्रस्ताव पर मामला दर मामला विचार किया जाता था.

सरकार ने कहा कि एफडीआई नियमों को उदार बनाए जाने से देश में निवेश बढ़ा है. 2013-14 में देश में जहां 36.04 अरब डॉलर का एफडीआई निवेश हुआ था वह 2015-16 में बढ़कर 55.46 अरब डॉलर हो गया. यह किसी वित्त वर्ष में हुआ सबसे अधिक एफडीआई निवेश है.

सरकार का कहना है कि एफडीआई नीति मे बदलाव का मकसद कारोबारी नियमों को सुगम और सरल बनाना है. इससे न केवल पूंजी प्रवाह बढ़ेगा बल्कि भारत दुनिया में निवेशकों के मुफीद गंतव्य के तौर पर उभर सकेगा. साथ ही इससे इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होगा और रोजगार के अधिक मौके पैदा होंगे.

First published: 28 July 2016, 18:24 IST
 
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