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कैग ने रसोई गैस सब्सिडी में सरकारी बचत के दावे को बताया गलत

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 August 2016, 17:08 IST
(एजेंसी)

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि सरकार के द्वारा ग्राहकों को सीधे दी जाने वाली रसोई गैस सब्सिडी से केवल 1764 करोड़ रुपए की बचत हुई है, जो कि सरकार के दावों का केवल लगभग 15 फीसदी है.

कैग ने संसद के पटल पर पेश करते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सब्सिडी मद में ज्यादातर बचत तो कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भारी गिरावट के वजह से हुई है.

कैग के मुताबिक, "अप्रैल 2015 से दिसंबर 2015 के दौरान केंद्र सरकार के द्वारा सब्सिडी का वास्तविक भुगतान 12,084.24 करोड़ रुपए रहा, जबकि अप्रैल 2014 से दिसंबर 2014 के दौरान यह राशि 35,400.46 करोड़ रुपये थी."

रिपोर्ट बताती है कि सब्सिडी भुगतान में 23,316.12 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय कमी में 21,552.8 करोड़ रुपये की कमी तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण रही.

वहीं इस दौरान, उपभोक्ताओं द्वारा कम सिलेंडर लेने के कारण इस (सब्सिडी में) में 1763.93 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है. महालेखा नियंत्रक ने सब्सिडी दर में कमी को सब्सिडी बचत में सबसे महत्वपूर्ण कारक बताया है.

गौरतलब है कि डीबीटी के तहत सब्सिडी का भुगतान सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में किया जा जाता है. पेट्रोलियम मंत्रालय का दावा है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना के क्रियान्वयन से फर्जी और नकली रसोई गैस कनेक्शन समाप्त होने के कारण 2014-15 में 14,818.4 करोड़ रुपये की बचत हुई.

यह आंकड़ा 3.34 करोड़ अवरुद्ध (ब्लॉक) किए गए ग्राहकों को 369.75 रुपये प्रति सिलेंडर औसत सब्सिडी के आधार पर निकाला गया है.

उपभोक्ता हर साल साढ़े चौदह किलो के 12 गैस सिलेंडर सब्सिडी दर पर ले सकते हैं. कैग का कहना है कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने फरवरी 2016 में एलपीजी सब्सिडी मद में 2015-16 में 9211 करोड़ रुपये की संभावित बचत का अनुमान लगाया था, जबकि तेल विपणन कंपनियों के लिए यह अनुमान 5,107.48 करोड़ रुपये था.

कैग ने अपनी इस रिपोर्ट में सब्सिडी बचत में गणना के अलग-अलग मानकों को भी रेखांकित किया है. कैग के मुताबिक 6.27 सिलेंडर उठाव के राष्ट्रीय औसत (कंपनियों के आकलन में इस्तेमाल) के अनुसार 2015-16 के लिए सब्सिडी में अनुमानित बचत केवल 4813 करोड़ रुपये रहेगी.

रसोई गैस के लिए तेल कंपनियों में समन्वय करने वाली इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने 2015-16 के लिए सब्सिडी बचत की गणना करते समय 2014-15 में औसत सब्सिडी दर 338 रुपये प्रति सिलेंडर मानी. कैग के अनुसार इसके कारण सब्सिडी में बचत ‘बढ़ा चढ़ाकर’ पेश की गई, जबकि 2015-16 में एलपीजी कीमतों में भारी गिरावट आई.

First published: 13 August 2016, 17:08 IST
 
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