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CAG ने UPA सरकार के P 8I विमान सौदे पर उठाये ये गंभीर सवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 August 2018, 12:41 IST

राष्ट्रीय लेखा परीक्षक कैग ने मंगलवार को संसद में एक रिपोर्ट पेश करते हुए पिछली यूपीए सरकार के दौरान बोइंग को 2.1 अरब डॉलर के भारतीय नौसेना के अनुबंध पर सवाल उठाए. रिपोर्ट में कहा गया है कि P 8I के बेड़े को भारतीय नौसेना के सभी अहम मिशन और युद्धाभ्यासों में लगाया गया है. 2008 में 8 विमानों का ऑर्डर दिया गया था और 2016 में भारत ने एक अरब डॉलर की उसी डील के तहत 4 और विमानों का ऑर्डर दिया था.

बाद में बोइंग ने एक अलग विवादास्पद अनुबंध के तहत विमान रखरखाव समर्थन की पेशकश की. ऑडिटर ने कहा कि यह निष्कर्ष निकाला गया कि अमेरिकी कंपनी सबसे कम बोली लगाने वाले (एल 1) था. इसने स्पैनिश कंपनी की वित्तीय बोली को अपने उत्पाद समर्थन लागत सहित बढ़ा दिया. रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2009 में बोइंग के साथ अनुबंध 2.1 बिलियन अमरीकी डॉलर (वर्तमान विनिमय दर पर 14,500 करोड़ रुपये) के साथ समाप्त हुआ था.

 

 

रिपोर्ट में सीएजी ने P8 I विमान खरीदने की यूपीए सरकार की 10000 करोड़ रुपये की डील पर सवाल उठाते हुए देश के कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ने एक रिपोर्ट में संकेत दिया है कि अमेरिकी कंपनी बोइंग को जानबूझकर वरीयता देने की कोशिश की गई.

कैग के अनुसार रक्षा मंत्रालय ने एकमात्र कॉम्पिटीटर स्पेन की EADS CASA की फाइनेंशियल बिड को बढ़ाया था था ताकि 20 साल के सपोर्ट पैकेज को भी इस डील में शामिल किया जा सके. रिपोर्ट में कहा गया, 'कान्ट्रैक्ट मेसर्स बोइंग, यूएसए के साथ जनवरी 2009 में 213.8 करोड़ डॉलर में किया गया.

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First published: 8 August 2018, 12:41 IST
 
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