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केयर्न एनर्जी ने सरकार से मांगा 5.6 अरब डॉलर का मुआवजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 July 2016, 19:55 IST
QUICK PILL
  • ब्रिटिश कंपनी केयर्न एनर्जी ने अपनी भारतीय ईकाई केयर्न इंडिया के पुनर्गठन के लिए आयकर विभाग की तरफ से 29,047 करोड़ रुपये के रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स की मांग के खिलाफ भारत सरकार से करीब 37,400 करोड़ रुपये (5.6 अरब डॉलर) का मुआवजा मांगा है.
  • केयर्न ने अपनी सहायक कंपनी केयर्न इंडिया में 9.8 फीसदी हिस्स्सेदारी की कीमतों के नुकसान की भरपाई के लिए 1.05 अरब डॉलर का मुआवजा मांगा है. जनवरी 2014 में आयकर विभाग ने कर की मांग करते हुए कंपनी के शेयरों को जब्त कर लिया था.

ब्रिटिश कंपनी केयर्न एनर्जी ने अपनी भारतीय ईकाई केयर्न इंडिया के पुनर्गठन के लिए आयकर विभाग की तरफ से रेट्रोस्पेक्टिव 29,047 करोड़ रुपये के टैक्स की मांग के खिलाफ भारत सरकार से करीब 37,400 करोड़ रुपये (5.6 अरब डॉलर) का मुआवजा मांगा है.

बीएसई में केयर्न इंडिया लिमिटेड 3.13 फीसदी की मजबूती के साथ 154.75 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.

28 जून को इंटरनेशनल आर्बिटरेशन पैनल को दिए गए दावे में कंपनी ने भारत सरकार की तरफ से मांगे गए कर को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि ब्रिटेन और भारत के बीच हुए द्विपक्षीय कर संधि के तहत भारत उसके निवेश को उचित सुरक्षा देने में विफल रहा है.

केयर्न ने अपनी सहायक कंपनी केयर्न इंडिया में 9.8 फीसदी हिस्स्सेदारी की कीमतों के नुकसान की भरपाई के लिए 1.05 अरब डॉलर का मुआवजा मांगा है. जनवरी 2014 में आयकर विभाग ने कर की मांग करते हुए कंपनी के शेयरों को जब्त कर लिया था. 

कंपनी की तरफ से मांगा गया कुल मुआवजा मांगे गए कर की रकम और केयर्न एजर्नी की केयर्न इंडिया में 9.8 फीसदी की हिस्सेदारी की कीमत के बराबर है. 

केयर्न की सहायक कंपनी केयर्न इंडिया में 9.8 फीसदी हिस्सेदारी है.

भारत सरकार इसके जवाब में नवंबर तक अपना बचाव पेश करेगी. सूत्रों के मुताबिक मामले की सुनवाई अगले साल से शुरू होने की उम्मीद है. आयकर विभाग ने जनवरी 2014 में केयर्न एनर्जी पर 10,247 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. 

विभाग का कहना था कि कंपनी को 2006 में अपनी भारतीय परिसंपत्ति को नई सहायक कंपनी केयर्न इंडिया को ट्र्रांसफर किए जाने से कथित तौर पर पूंजीगत लाभ हुआ था. आयकर विभाग ने इसी पूंजीगत लाभ को लेकर कंपनी से कर की मांग की थी.

ब्रिटिश कंपनी ने केयर्न इंडिया की बड़ी हिस्सेदारी 2011 में वेदांत रिसोर्सेज को बेच दी थी. हालांकि इसके बावजूद कंपनी के पास उसकी 9.8 फीसदी हिस्स्सेदारी थी जिसे आयकर विभाग ने जब्त कर लिया था. 

First published: 12 July 2016, 19:55 IST
 
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