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देशभर में खाली पड़े हैं ATM, लोगों को याद आयी नोटबंदी, 3 दिन में सुधरेंगे हालात

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 April 2018, 12:05 IST

उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में जारी कैश की किल्लत ने एक बार फिर से लोगों को नोटबंदी की याद दिला दी है. देश की राजधानी दिल्ली में भी लोगों को एटीएम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. दिल्ली में लोगों का कहना है कि हमें कैश नहीं मिल पा रहा है. अधिकांश एटीएम कैश नहीं दे रहे  हैं. जिनसे कैश निकल भी रहा है वह  केवल 500 नोट दे रहे है.

ख़बरों की माने तो गुड़गांव के 80 फीसदी एटीएम में पैसे नहीं हैं. उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर आपात बैठक भी बुलाई है. गुजरात में तो पिछले पांच दिनों से सभी बड़े शहरों में कैश की भारी किल्ल्त के चलते लोग परेशान हैं.

वित्‍त राज्‍य मंत्री एसपी शुक्‍ला ने कहा है कि हमारे पास 1.25 लाख करोड़ रुपए से ज्‍यादा नकदी है. एक समस्‍या यह है कि कुछ राज्‍यों में कम करंसी है और कुछ राज्‍यों में ज्‍यादा है. अगले तीन दिन में हालात सामान्‍य हो जाएगा.

वित्‍त राज्‍य मंत्री ने बताया कि सरकार ने राज्‍य-वार कमिटी बनाई है. वहीं आरबीआई ने भी एक राज्‍य से दूसरे राज्‍य में करंसी ट्रांसफर करने के लिए कमिटी बना दी है. तीन दिन में हालात सामान्‍य हो जाएंगे.

इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दावा किया कि 2,000 के नोट बाजार से गायब करने के पीछे कोई साजिश है. किसानों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा, नोटबंदी से पहले 15,000,000 करोड़ रुपये का सर्कुलेशन चलन में था इसके बाद कुलेशन 16,50,000 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन 2,000 रुपये के नोट बाजार से गायब हैं.

कुछ दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि ''तकनीक ने कितनी भी तरक्की कर ली हो लेकिन कैशलेस व्यवस्था हमारे समाज में संभव नहीं है. हमें धीरे धीरे कैशलेस करना होगा. कैशलेस के बजाए लेशकैश की व्यवस्था पर समन्वय के आधार पर चलना होगा.''

गुजरात के बड़ोदरा में भी लोगों ने एटीएम में कैश की कमी की शिकायत की है. 'अधिकांश एटीएम सेवा में नहीं हैं. 

हालांकि आरबीआई का कहना है कि इन राज्यों को नकदी की आपूर्ति बढ़ा दी गई है. रिजर्व बैंक के सूत्रों ने कहा कि स्थिति जल्द सामान्य हो हो जाएगी. वित्त मंत्रालय ने पिछले हफ्ते आरबीआई के अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नकदी के बड़े पैमाने पर होर्डिंग तो नहीं की जा रही है. नकद की कमी के कारण मंत्रालय के अधिकारियों ने राज्य के अधिकारियों और बैंक प्रमुखों के साथ परामर्श भी किया था. 

First published: 17 April 2018, 11:42 IST
 
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