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खरीफ फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 June 2016, 7:40 IST

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने बुधवार को 2016-17 की खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दे दी. आने वाले सरकारी खरीद के दौरान धान के लिए प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य में 60 से लेकर 1,470 रुपये तक का इजाफा किया गया है.

सरकार किसानों ने अनाज एमएसपी पर ही खरीदती है.

यह स्वीकृत एमएसपी कमीशन फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेज (सीएसीपी) की सिफारिशों पर आधारित हैं. दालों और तिलहनों की घरेलू मांग और आपूर्ति के अंतराल को ध्यान में रखते हुए सीसीईए ने बोनस देने का निर्णय किया है. 

खरीफ दलहन के लिए 425 रुपये प्रति कुंतल के मद्देनजर सीएपीसी की सिफारिश है

इसका आधार खरीफ दलहन के लिए 425 रुपये प्रति कुंतल के मद्देनजर सीएपीसी की सिफारिश है. दलहन में अरहर, उड़द और मूंग शामिल हैं. इसी तरह तिल के संदर्भ में 200 रुपये प्रति कुंतल का बोनस और साबुत मूंगफली, सूरजमुखी बीज, सोयाबीन और मोथा जैसे खरीफ तिलहन के लिए 100 रुपये प्रति कुंतल के बोनस की सिफारिश भी की गई है.

सीसीईए ने बीपीएल परिवारों के लिए बीपीएल दरों पर ही 41,800 टन अनाज का मासिक आवंटन भी किया है. जबकि तमिलनाडु, केरल और नागालैंड में गरीबी रेखा से ऊपर वालों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की दो तिहाई कीमत पर 20,507 टन प्रति माह अनाज आवंटित किया है.

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) जुलाई 2013 में अस्तित्व में आया था और इसने देश की दो तिहाई आबादी तक पहुंच बनाई. उम्मीद की गई थी कि मार्च 2016 तक इसे देश के सभी राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में लागू कर दिया जाएगा. लेकिन तमिलनाडु, केरल और नागालैंड में अभी भी यह लागू होना बाकी है. इसलिए सरकार ने इन राज्यों के लिए यह अनाज आवंटित किया.

इसके अलावा सीसीईए ने उत्तर-पूर्व रेलवे के मऊ स्टेशन से लेकर पूर्व-मध्य रेलवे के टारीघाट टर्मिनल स्टेशन तक ब्रॉड गेज लाइन बिछाने की भी स्वीकृति दी. इस लाइन की कुल लंबाई 51 किलोमीटर होगी.

इस योजना की अनुमानित लागत 1,765.92 करोड़ रुपये है जो 2,109.07 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. इस योजना के छह माह में पूरा होने की संभावना है.

First published: 2 June 2016, 7:40 IST
 
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