Home » बिज़नेस » EPFO के तहत तोहफे की तैयारी, चुनाव से पहले न्यूनतम वेतन होगी दुगनी
 

खुशखबरी : चुनाव से पहले न्यूनतम वेतन को दोगुना करने की तैयारी में मोदी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 March 2018, 17:07 IST

लोकसभा चुनाव से पहले सरकार वेतनभोगियों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है. सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अन्तर्गत ईपीएस धारक के लिए मासिक पेंशन को दोगुना करके 2,000 रुपये करने के संकेत दिए है. इससे करीब 40 लाख सब्सक्राइबर्स को फायदा होगा और सरकार पर वार्षिक  3,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त का बोझ बढ़ेगा.

वर्तमान में सरकार न्यूनतम पेंशन के लिए सालाना 813 करोड़ रुपये का योगदान देती है. अगर इसका फायदा 2,000 रुपये मासिक से कम पेंशन पाने वाले सभी लोगों को दिया गया तो सरकारी खजाने का बोझ भी बढ़कर दोगुने से अधिक हो सकता है.

एक वरिष्ठ विभागीय  अधिकारी के अनुसार श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से इस योजना के  विभिन्न फाइनेंसियल आस्पेक्ट्स पर काम करने को कहा है. मंत्रालय ने EPFO से यह भी पूछा है कि अगर एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (ईपीएस), 1995 के तहत न्यूनतम पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये मासिक किया जाता है तो कितने एक्स्ट्रा फण्ड की जरुरत होगी.

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बता दें कि सरकार पर ट्रेड यूनियंस लगातार दबाब बनाती रही है. पेंशन की राशि को बढ़ाने के लिए और ऑल इंडिया ईपीएस-95 पेंशनर्स संघर्ष समिति  ने मासिक पेंशन को बढ़ाकर 3,000 से 7,500 रुपये करने की मांग की है. 

हाल ही में एक संसदीय समिति ने भी सरकार से ईपीएस-95 स्कीम की फिर से समीक्षा करने की जरुरत बताई और कहा 1,000 रुपये की न्यूनतम पेंशन पर विचार करना चाहिए क्योंकि जो सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जा रहे हैं, वो बहुत काम है उनसे लोगों की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो सकतीं.

श्रम पर संसद की स्थाई समिति की 34वीं रिपोर्ट सदन में पेश की गई थी, जिसमे कहा गया था कि 1,000 रुपये की पेंशन बहुत कम है और इससे पेंशनर्स की हर महीने की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो सकती. EPF- 1952 और EPS- 1995 दो अलग-अलग रिटायरमेंट स्कीम हैं, जिनका संचालन एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड्स ऐंड मिसलेनियस प्रोविजंस ऐक्ट, 1952 के तहत सैलरीड एंप्लॉयीज के लिए हो रहा है.

First published: 16 March 2018, 17:07 IST
 
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