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केंद्र ने कई टेलीकॉम उपकरणों पर बढ़ाई कस्टम ड्यूटी, इनकी बढ़ेगी कीमत

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 October 2018, 11:10 IST

गुरुवार को केंद्र ने कई दूरसंचार उपकरणों पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है. देश के चालू खाता घाटे को कम करने के निरंतर प्रयास में इस उपकरण को बनाने के लिए प्रयुक्त मुद्रित सर्किट बोर्डों पर शुल्क लगाया है. पिछले महीने सरकार ने 19 वस्तुओं पर आयात शुल्क में वृद्धि की घोषणा की थी. वित्त मंत्रालय ने टेलीफोन सेट (सेल्यूलर और वायरलेस नेटवर्क दोनों शामिल है) पर कस्टम ड्यूटी 10 से 20 प्रतिशत कर दी है.

जबकि स्मार्ट वॉच, ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट उपकरण, पैकेट ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट उत्पाद या स्विच (POTP या POTS), ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क (OTN), सॉफ्ट स्विचेस और वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VOIP) पर 10 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगा दी है. इसके अलावा कैरियर ईथरनेट स्विच, पैकेट ट्रांसपोर्ट नोड (PTN) उत्पादों, मल्टीप्रोटोकॉल लेबल स्विचिंग ट्रांसपोर्ट प्रोफाइल (MPLS-TP) उत्पादों और मल्टिपल इनपुट/मल्टिपल आउटपुट (MIMO) पर भी 10 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है.

 

दो अज्ञात वरिष्ठ वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि सरकार आयात को रोकने के लिए अतिरिक्त उपाय कर सकती है, और गैर आवासीय भारतीयों को बांड जारी किए जा सकते हैं. गुरुवार को सेंसेक्स 759 अंक से अधिक के बाद आयात शुल्क में नवीनतम बढ़ोतरी हुई और रुपया संयुक्त राज्य अमेरिका के डॉलर के मुकाबले नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई.

2018 -19 वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान भारत की चालू खाता घाटा एक साल पहले 14.9 अरब डॉलर (1.08 लाख करोड़ रुपये) से 15.8 अरब डॉलर (1.14 लाख करोड़ रुपये) हो गया.

14 सितंबर को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली, वित्त सचिव हस्मुख आखिया, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल और अन्य अधिकारियों के साथ चालू खाता घाटे की जांच के उपायों पर विचार करने के लिए चर्चा की थी. इस बैठक में गैर-आवश्यक आयात में कटौती करने का निर्णय लिया गया.

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First published: 12 October 2018, 11:10 IST
 
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