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केंद्र ने आरबीआई से मांगे 69,000 करोड़, नए गवर्नर से है सरकार को ये उम्मीद

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 February 2019, 12:08 IST

केंद्र सरकार 2019-20 के वित्तीय वर्ष के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से लाभांश में लगभग 69,000 करोड़ रुपये की मांग कर रही है, जो कि 82,911.56 करोड़ रुपये के संयुक्त लाभांश का लगभग 83 प्रतिशत है.  केंद्र के चालू वित्त वर्ष के लिए RBI ने पहले ही लाभांश में 40,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है और केंद्र अंतरिम लाभांश में 28,000 करोड़ रुपये की मांग कर रहा है.

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने कहा “हमारे संशोधित अनुमानों में हमने 28,000 करोड़ रुपये का बजट रखा है. यह आरबीआई बोर्ड का फैसला है कि वे आखिर किस राशि पर ट्रांसफर करते हैं. आरबीआई बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लाभांश से संशोधित 2018-19 का अनुमान 74,140 करोड़ है, जबकि 54,817 करोड़ रुपये के अनुमानित अनुमान हैं.

 

इस वर्ष के लिए मांगे गए अंतरिम लाभांश में अतिरिक्त 28,000 करोड़ रुपये में से लगभग 13,000 करोड़ रुपये 2017-18 से लंबित मांग है. जिसे आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग सार्वजनिक रूप से केंद्रीय बैंक के आकस्मिक आरक्षित निधि से मांग रहे हैं. इसका मतलब है कि इस वर्ष अंतरिम लाभांश के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये मांगे गए हैं.

कोई भी अंतरिम लाभांश जो आरबीआई अब चुकाता है, वह जुलाई 2018-जून 2019 वित्तीय वर्ष का हिस्सा होगा. जुलाई 2017-जून 2018 के लिए, RBI ने लाभांश के रूप में 50,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जिसमें से 10,000 करोड़ रुपये 27 मार्च को सरकार को हस्तांतरित कर दिए गए.

First published: 6 February 2019, 12:08 IST
 
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