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चिटफंड: 50 कारें, 3078 बैंक खाते 23 होटल और भी बहुत कुछ, ये हैं रोज वैली के मालिक गौतम कुंडू

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2019, 16:10 IST

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बंगाल में सारदा का जिन्न एक बार फिर से बाहर निकल चुका है. लेकिन बंगाल में सारदा से बड़ा रोज वैली चिटफंड घोटाला था, जिसके जरिये लगभग 15,000 करोड़ लोगों से जमा किये गए. प्रवर्तन निदेशालय ने खुलासा किया कि रोज वैली ग्रुप के चेयरमैन गौतम कुंडू के पास 12 राज्यों में फैले 700 एकड़, 23 होटल, 150-विषम नंबर (odd cars) कारें मिली, जिनमें एक दर्जन आयातित लक्जरी वाहन, 900 ब्रांच ऑफिस और 3,078 बैंक खाते शामिल थे.

वर्तमान में जेल में बंद कुंडू के देश भर में 23 होटल का खुलासा ईडी ने किया. जिनमें जयपुर, जलपाईगुड़ी, पूर्वी मिदनापुर, सिलीगुड़ी और कोलकाता की लक्जरी संपत्ति शामिल हैं. कोलकाता के उत्तरी छोर पर इसकी सात प्रीमियम रेजिडेंसी, रांची में 6,000 वर्ग फीट का एक विला और एक सोने और हीरे के आभूषण का मॉल शामिल था. 25 मार्च 2015 को कुंडू को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. रोल्स रॉयस फैंटम के मालिक कुंडू की जीवन शैली टॉलीवुड फिल्म बिरादरी के बीच एक बात रही है.

उनकी कंपनियों ने कम से कम 40 बंगाली फिल्मों का निर्माण किया है और उनमें से तीन ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं. यह समूह कुछ प्रमुख निर्देशकों के साथ जुड़ा हुआ थाजैसे स्वर्गीय रितुपर्णो घोष, गौतम घोष और कौशिक गांगुली इनमे शामिल थे. मीडिया रिपोट्स के अनुसार, सारदा ग्रुप और रोज वैली दोनों ने वाम शासन के दौरान नकदी इकट्ठा करना शुरू कर दिया था और उनके पास सीपीएम के कुछ नेताओं का आशीर्वाद माना जाता था.
 
तृणमूल सत्ता के दौरान भी रोज़ वैली ने फिल्म निर्माण और मीडिया में सक्रिय होकर अपने व्यापार का विस्तार किया. यह समूह दो साल के लिए आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रमुख प्रायोजक भी था. रोज वैली बंगाल की उन 13 कंपनियों में से एक थी जिसे केंद्रीय कारपोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा देखा जा रहा था क्योंकि उसे शिकायत मिली थी कि फर्में कैश-कलेक्शन स्कीम चला रही हैं. दिसंबर 2014 में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक लिखित जवाब में राज्य सभा को बताया था कि रोज़ वैली ग्रुप ऑफ़ कंपनी द्वारा एकत्र की गई अनुमानित राशि लगभग 15,000 करोड़ रुपये थी.

क्या था रोज वैली घोटाला

रोज वैली घोटाला शारदा घोटाले की तुलना में एक बड़ा वित्तीय धोखाधड़ी था और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुमान के अनुसार पश्चिम बंगाल, असम और बिहार से जमाकर्ताओं से 15,000 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे. ईडी के अनुसार धन का एक हिस्सा नेताओं को रिश्वत देने के लिए भी इस्तेमाल किया गया था ताकि घोटाला आसानी से चल सके. उच्च रिटर्न की उम्मीद के साथ लाखों लोगों ने अपनी जीवन बचत को इसमें निवेश के जरिये लगाया था. शारदा घोटाला सामने आने के ठीक बाद, बंगाल ने रोज वैली के अखबारों में प्रमुख विज्ञापनों को देखा. जिसमें अपने निवेशकों से सारदा समूह के चिट फंड के पतन के मद्देनजर नही घबराने की अपील की गई.

सुदीप्ता सेन के स्वामित्व वाली सारदा की तरह रोज़ वैली में एक मीडिया प्रभाग था और चार टेलीविजन चैनल थे. ईडी ने आरोप लगाया है कि इस फर्म ने विभिन्न राज्यों में भोले-भाले निवेशकों को आठ से 27 प्रतिशत के बीच निवेश पर रिटर्न का वादा किया था. कंपनी ने कथित रूप से जमीन जायदाद और संपत्ति और अचल संपत्ति क्षेत्र में की गई बुकिंग पर जमाकर्ताओं को रिटर्न देने का वादा किया था. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कंपनी को ईडी और सीबीआई द्वारा समूह के खिलाफ मामले दर्ज करने से पहले जांच की थी. ईडी ने 2014 में पीएमएलए के तहत फर्म के अध्यक्ष गौतम कुंडू और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. गौतम कुंडू को 2015 में कोलकाता में एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया गया था.

वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है. इस मामले में ED द्वारा कोलकाता और भुवनेश्वर की अदालतों में कई आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं. रोज वैली को धोखा देने के आरोप में पूर्वी भारत की सबसे बड़ी फिल्म निर्माण कंपनियों में से एक के प्रमुख श्रीकांत मोहता को जनवरी के अंत में कोलकाता में गिरफ्तार किया गया. एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि फिल्म निर्माता ने चिट-फंड कंपनी रोज वैली के प्रमुख गौतम कुंडू से 25 करोड़ लिए.

श्रीकांत मोहता को उस पैसे से रोज वैली समूह के लिए कई फिल्मों का निर्माण करना था. जब गौतम कुंडू ने उनसे अपने पैसे मांगे, तो श्रीकांत मोहता ने कथित तौर पर उन्हें चेतावनी दी और कई शक्तिशाली नामों का जिक्र किया. 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 2014 में मामला सीबीआई को हस्तांतरित करने से पहले सारदा और रोज वैली पोंजी घोटाले से जुड़ी एक एसआईटी जांच का नेतृत्व किया था. अब जांच से जुड़े दस्तावेजों को लेकर वह सीबीआई गुस्से में है.

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First published: 4 February 2019, 16:05 IST
 
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