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बजट 2016-17: कार और सिगरेट हुई महंगी

अभिषेक पराशर | Updated on: 29 February 2016, 16:02 IST
QUICK PILL
  • 2016-17 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बीड़ी को छोड़कर सभी तंबाकू प्रॉडक्ट्स पर लगने वाले एक्साइज डयूटी यानी उत्पाद शुल्क में 10-15 फीसदी तक की बढ़ोतरी किए जाने का ऐलान किया है.
  • पिछले चार सालों में सिगरेट की कीमतों में 98 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. वित्त वर्ष 2014 की पहली तिमाही के बाद से सबसे बड़ी सिगरेट कंपनी आईटीसी के वॉल्यूम में लगातार गिरावट आ रही है. पिछले साल बजट में सिगरेट और सिगार की कीमतों में 15-20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी. 

सिगरेट की कीमतों में लगातार पांचवी बार बढ़ोतरी की गई है. 2016-17 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बीड़ी को छोड़कर सभी तंबाकू प्रॉडक्ट्स पर लगने वाले एक्साइज डयूटी यानी उत्पाद शुल्क में 10-15 फीसदी तक की बढ़ोतरी किए जाने का ऐलान किया है.

जेटली की इस घोषणा के बाद सबसे बड़ी कंपनी आईटीसी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. हालांकि बजट के बाद आईटीसी के शेयरों में मामूली मजबूती दिखाई दे रही है. बीएसई में आईटीसी का शेयर फिलहाल 1.58 पर्सेंट की मजबूती के साथ 295.60 रुपये पर कारोबार कर रहा है.

बजट में तंबाकू प्रॉडक्ट्स पर उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी किए जाने के फैसले की घोषणा के साथ आईटीसी का शेयर टूटकर 268 रुपये तक चला गया. हालांकि बाद में इसमें रिकवरी होती दिखाई दे रही है.

पिछले साल बजट में सिगरेट और सिगार की कीमतों में 15-20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी

पिछले चार सालों में सिगरेट की कीमतों में 98 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. वित्त वर्ष 2014 की पहली तिमाही के बाद से आईटीसी के वॉल्यूम में लगातार गिरावट आ रही है. पिछले साल बजट में सिगरेट और सिगार की कीमतों में 15-20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी. 

हालांकि तंबाकू इंडस्ट्री सरकार से एक्साइज ड्यूटी घटाने को लेकर लॉबीइंग कर रही थी. हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिगरेट पर ज्यादा टैक्स लगाने की सिफारिश की है.

महंगी हुई कार

वित्त वर्ष 2017 में कार खरीदने के लिए आपको ज्यादा भुगतान करने की जरूरत होगी. सरकार ने बजट 2017 में कारों को महंगा करने का फैसला किया है. सरकार ने 10 लाख रुपये से ऊपर की कारों पर 1 पर्सेंट अतिरिक्त टैक्स लगाने की घोषणा की है.

बजट में कृषि और ग्रामीण क्षेत्र को ज्यादा तरजीह दी गई है. शहरी मध्यम वर्ग को इस बार के बजट से कुछ खास राहत नहीं मिली है.

जेटली ने कहा, '10 लाख रुपये से ऊपर की लग्जरी कारों पर 1 पर्सेंट अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा.' हालांकि सरकार ने इस दायरे से बजट कारों को बाहर रखा है. हाईब्रिड कारों के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने छोटी पेट्रोल कारों पर 1 फीसदी का इंफ्रा सेस भी लगाया है. डीजल कारों पर सरकार 2.5 फीसदी इंफ्रा सेस वसूलेगी.

मारुति के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिल रही है. कंपनी का शेयर करीब 4 फीसदी टूट चुका है

कारों को महंगा किए जाने के फैसले से बाजार पर बुरा असर पड़ा है. एसऐंडपी बीएसई ऑटो इंडेक्स फिलहाल 151 अंक नीचे कारोबार कर रहा है. मारुति के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिल रही है. कंपनी का शेयर करीब 4 फीसदी टूट चुका है. मारुति देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी है.

वहीं हीरो मोटोकॉप और सबसे बड़ी दुपहिया वाहन कंपनी बजाज ऑटो के शेयरों में भी 1.82 पर्सेंट और 1.25 पर्सेंट की कमजोरी दिखाई दे रही है. 

वहीं भारी वाहन कंपनी अशोक लीलैंड के शेयरों में मामूली रिकवरी दिखाई दे रही है. आयशर मोटर्स का शेयर 0.30 फीदी की मजबूती के साथ 18913.30 रुपये पर कारोबार कर रहा है.

जेटली ने कहा कि हाई कैपेसिटी पैसेंजर व्हीकल्स और एसयूवी पर 4 फीसदी अतिरिक्त लेवी लगाया जाएगा. विशेषज्ञों ने सरकार के इस फैसले पर निराशा जताई है. उनका कहना है कि अतिरिक्त सेस से डीजल कार और एसयूवी की डिमांग पर बुरा असर पड़ेगा. फिलहाल कुल कारों में 40 फीसदी पैसेंजर कारों की बिक्री होती है.

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First published: 29 February 2016, 16:02 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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