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मोदी जी... नोटबंदी के बाद छपे नए नोटों के नकली संस्करण कैसे आ गए ?

सुनील रावत | Updated on: 4 April 2018, 16:26 IST

लगता है नोटबंदी के दौरान किया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक और दावा बिखरता नजर आ है. क्योंकि फेक करेंसी अब नए नोटों का रूप भी धारण कर चुकी हैं. 8 नवंबर, 2016 को प्रधान मंत्री ने 500 और 1,000 नोटों को अवैध घोषित करते हुए कहा कि यह फेक करेंसी (FICN) के खिलाफ एक बड़ा कदम है. मीडिया में तो इस तरह की खबरें भी फैली की 200 के नए नोटों पर एक जीपीएस चिप भी लगी है.

सबसे तजा मामला असम का है. जहां पुलिस ने एक व्यक्ति के पास से 2.5 लाख के नकली नोट बरामद किये. ये नोट 200, 500 और 2000 के रूप में थे. दूसरी घटना में दिल्ली पुलिस ने बीते सोमवार को 4.5 लाख रुपये के नकली नोट्स बरामद किए गए. पुलिस के उपायुक्त (विशेष सेल) पीएस ने गुरुवार को बताया कि नेपाल के दिलीप शाह (32) और पश्चिम बंगाल के आनंद दास (48) को गिरफ्तार किया गया है.

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नोटबंदी के बाद यह कोई पहली घटना नहीं है जिसमें बड़ी मात्रा में फेक करेंसी जब्त हुई हो. इससे पहले हैदराबाद के विज़ग में डीआरआई ने एक यात्रियों से 2000 के नकली नोट 510 पीस बरामद किये थे. पूछताछ में यात्रियों ने कहा कि ये नकली नोट बांग्लादेश से लाये जा रहे थे.

अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट की मानें तो नोटबंदी के एक साल बाद फेक करेंसी जब्ती के मामले में गुजरात सबसे ऊपर है. राज्य में जनवरी 2017 से फरवरी 2018 तक कुल मिलाकर 2.31 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं, जबकि पूरे देश में यह आंकड़ा 6.77 करोड़ का है.

First published: 4 April 2018, 16:26 IST
 
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