Home » बिज़नेस » COAI calls Trai's public WiFi model a national security threat
 

टेलिकॉम कंपनियों की चेतावनी- पब्लिक वाई-फाई मॉडल देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2018, 17:14 IST

दूरसंचार कंपनियों ने दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के सार्वजनिक वाईफाई मॉडल का विरोध किया है और कहा है कि इससे कर्ज से डूबे टेलिकॉम उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, साथ ही यह राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता होगा. सीओएआई के महानिदेशक एस मैथ्यूज ने दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन को लिखे एक पत्र में कहा" लाइसेंस के बिना इंटरनेट सेवाओं को बेचने का प्रस्ताव वर्तमान लाइसेंसिंग ढांचे और स्पेक्ट्रम के लिए दूरसंचार बुनियादी ढांचे में पहले से किए गए बड़े निवेश के लिए हानिकारक होगा''. उन्होंने कहा है कि 'इसके अतिरिक्त हमें विश्वास है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करेगा."

 ये भी पढ़ें : यूपी सरकार खादी बेचने के लिए अमेज़न के बाद अब फ्लिपकार्ट से करेगी डील

साइबर कैफे के मौजूदा नियमों के आधार पर ट्राई ने सिफारिश की है कि इस क्षेत्र में नए खिलाडियों को पीसीओ प्रकार के सेट-अप के माध्यम से इंटरनेट सेवाओं को पुनर्विक्रय करने की अनुमति दी जानी चाहिए जिसे सार्वजनिक डेटा कार्यालय कहा जाता है. ट्राई ने सिफारिश की है कि साइबर कैफे की तरह जो खुद को पंजीकृत करने के बाद सार्वजनिक पहुंच प्रदान करती है, पीडीओए को दूरसंचार विभाग के साथ खुद को पंजीकृत करने के बाद इंटरनेट एक्सेस सेवाओं का प्रावधान करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

5 जुलाई के पत्र में सीओएआई ने कहा कि सार्वजनिक वाईफाई पर ट्राई की सिफारिशों के कार्यान्वयन से दूरसंचार ऑपरेटरों को नुकसान होगा. सीओएआई के अनुसार इंटरनेट सेवाएं केवल दूरसंचार लाइसेंस धारकों द्वारा प्रदान की जा सकती हैं. सीओएआई ने आरोप लगाया है कि सार्वजनिक वाईफाई पर ट्राई की सिफारिशें लागू होने पर सरकार के राजस्व पर असर पडेगा.

इससे राजकोष को काफी नुकसान होगा क्योंकि पीडीओए और पीडीओ किसी भी लाइसेंस शुल्क या स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) का भुगतान नहीं करेंगे या सरकार के लिए स्पेक्ट्रम के लिए अग्रिम भुगतान का भुगतान नहीं करेंगे. अगर सरकार को लगता है कि ग्रामीण क्षेत्रों और गांवों के लिए पीडीओए की अनुमति दी जानी चाहिए और इसे लाइसेंस के जरिए अनिवार्य किया जाना चाहिए.

First published: 8 July 2018, 17:10 IST
 
अगली कहानी