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Google-Facebook नहीं बल्कि इस कंपनी में शुरू हुआ हर महीने अप्रेजल

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 October 2017, 16:05 IST

देश की ज्यादातर कंपनियां अप्रैल में अपने कर्मचारियों का अप्रेजल करती है, लेकिन यह जानकार आपको हैरानी होगी कि सॉफ्ट ड्रिंक्स बनाने वाली बड़ी कंपनी कोका-कोला इंडिया ने नई पॉलिसी लागू की है.

कोका-कोला इंडिया के मैनेजर्स पर अब ऐनुअल परफ़ॉर्मेंस रिव्यू को पूरा करने का दबाव नहीं होगा. पैरेंट कंपनी के ग्लोबल विजन के साथ तालमेल बिठाने के लिए कोका-कोला इंडिया ने अपने परफॉर्मेंस मैनेजमेंट सिस्टम में बदलाव किया है और अब अप्रेजल हर महीने हो रहा है.

आपको बता दें कि कोका-कोला इंडिया में करीब 25,000 कर्मचारी काम करते हैं. जीई और माइक्रोसॉफ्ट परफॉर्मेंस रेटिंग के साथ सबसे आगे बढ़े थे, अब कोका कोला ने मंथली फीडबैक मैकनिज़म का बड़ा कदम उठाया है.

बेवरेज कंपनी ने तेज वर्किंग स्टाइल को अपनाया है जहां मैनेजर्स और कर्मचारियों के बीच हर महीने हो रही बातचीत से यह देखा जा रहा है कि कोई सही ट्रैक पर है या फिर कुछ सुधार की जरूरत है.

कोका-कोला इंडिया और साउथ वेस्ट एशिया वीपी-एचआर मनु नारंग वाधवा ने कहा, "यह लक्ष्य हासिल करने और लोगों को गतिशील करने के लिए महत्वपूर्ण है. फ्रेमवर्क में लचीलापन सभी को अपना बेस्ट देने के लिए सक्षम बनाता है."

नया सिस्टम कोका-कोला इंडिया के कॉरपोरेट बिजनेस यूनिट के कर्मचारियों पर लागू होगा, जिसके करीब 300 एसोसिएट्स हैं. पिछले 7 महीनों में करीब 80-85% मैनेजर्स नए सिस्टम से तालमेल कर चुके हैं और हर महीने फीडबैक दे रहे हैं. कोका-कोला इंडिया के करीब 25,000 कर्मचारी हैं. धीरे-धीरे नए सिस्टम को आगे बढ़ाया जाएगा.

वाधवा कहते हैं, "आज के कामकाजी लोग वन टाइम प्लान्ड फीडबैक में विश्वास नहीं करते. इसलिए हमने सालाना आधार पर होने वाले प्रोसेस को खत्म कर दिया है, जिसमें लंबे फॉर्म भरने पड़ते थे. कर्मचारियों के पास अब बदलाव लाने के लिए बराबरी की आवाज है."

First published: 7 October 2017, 16:05 IST
 
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