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विरोधाभासों की धरती: 17.20 करोड़ गरीबी रेखा के नीचे और अमीरों के मामले में सातवें पायदान पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:20 IST
3,49,000
अरब रुपये

कुल पूंजी या संपत्ति है भारतीयों के पास

भारत विरोधाभासों का स्थान है. एक ओर हमारे देश में 17 करोड़ 20 लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं और ठीक इसी वक्त दूसरी तरफ एक रिपोर्ट बताती है कि व्यक्तिगत संपत्ति के मामले में भारत का दुनिया में सातवां स्थान है.

यह जानकारी एक प्रतिष्ठित वेल्थ इंटेलीजेंस एंड मार्केट रिसर्च कंपनी न्यू वर्ल्ड वेल्थ (एनडब्लूडब्लू) द्वारा प्रकाशित द इंडिया 2016 वेल्थ रिपोर्ट में छपी है. यह रिपोर्ट हाई नेट वर्थ इंडीविजुअल्स (एचएनडब्लूआई) यानी अत्यधिक धनाड्य व्यक्तियों के इंटरव्यू पर आधारित है और इसमें अंबानी परिवार, एचडीएफसी बैंक, अजीम प्रेमजी के निवेश, गोदरेज परिवार, यस बैंक समेत अन्य शामिल हैं.

जानिए इस रिपोर्ट के प्रमुख बिंदुः

3,49,000
अरब

रुपये

  • की कुल पूंजी या संपत्ति है भारतीयों के पास.
  • व्यक्तिगत पूंजी में भारत का अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस के बाद सातवां स्थान है.
  • भारत के बाद कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और इटली का नाम आता है.

2,81,882.79
रुपये

  • का औसत है हर व्यक्तिगत भारतीय की कुल पूंजी का.
  • साफ तौर पर उदारीकरण ने अमीर होने की दिशा में उत्प्रेरक की भूमिका निभाई.
  • हालांकि 1947 में भारत की प्रति व्यक्ति आय चीन और दक्षिण कोरिया के बराबर थी. लेकिन इन देशों ने काफी ऊंची छलांग लगाई.

2,36,000

  • अत्यधिक धनाड्य व्यक्ति रहते हैं भारत में.
  • इन सबकी कुल पूंजी करीब 1,00,672 अरब रुपये है.
  • इसका मतलब कि भारत की कुल पूंजी का एक चौथाई हिस्सा इन धनाड्य व्यक्तियों के पास है.

1,52,000

  • थी 2007 में भारत के अत्यधिक धनाड्य व्यक्तियों की संख्या. इसी साल एनडब्लूडब्लू की समीक्षा शुरू हुई थी.
  • 2015 में एचएनआई (अत्यधिक धनाड्य व्यक्तियों) की संख्या 55 फीसदी बढ़ गई.
  • एक वित्तीय सेवा कंपनी कार्वी के विभिन्न आंकलन के मुताबिक इनकी पूंजी का मुख्य साधन डायरेक्ट इक्विटी, फिक्स्ड डिपॉजिट्स और बॉन्ड्स हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय संपत्तियां पूंजी का सबसे छोटा स्रोत हैं.

9,39,609
करोड़

रुपये

  • का निवेश इन धनाड्य व्यक्तियों द्वारा वेंचर कैपिटल कंपनियों और संस्थाओं में किया गया.
  • सामान्यत: यह कंपनियां और संस्थाएं इन धनाड्य व्यक्तियों की संतानों द्वारा संचालित की जाती हैं.

First published: 25 August 2016, 8:04 IST
 
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