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कोरोना वायरस महामारी पिछले 100 वर्षों में सबसे खराब स्वास्थ्य और आर्थिक संकट : RBI गवर्नर

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 July 2020, 12:13 IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज 7वें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव में कहा कि कोरोना वायरस महामारी 100 साल का सबसे बड़ा स्वास्थ्य एवं आर्थिक संकट है. उन्होंने कहा '' कोरोना वायरस पिछले 100 वर्षों में सबसे खराब स्वास्थ्य और आर्थिक संकट है जिसने उत्पादन और नौकरियों पर नेगेटिव प्रभाव डाला है. इसने दुनियाभर में मौजूदा व्यवस्था, श्रम और कैपिटल के मूवमेंट को कम किया है''.

 

RBI गवर्नर ने कहा कोरोना वायरस महामारी के दौरान वित्तीय व्यवस्था को बचाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरबीआई ने कई तरह के कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा इस जोखिम को चिह्नित करने के लिए आरबीआई ने अपने निगरानी तंत्र को मजबूत बनाया. केंद्रीय बैंक ने सितंबर 2019 से रेपो रेट में 135 आधार अंकों की कटौती की. इसी तरह आर्थिक वृद्धि दर में आई सुस्ती से निपटने के लिए ये आरबीआई ने कई कदम उठाये हैं.


 

शक्तिकांत दास ने कहा '' कहा कि देश में प्रत्येक बैंक को अपनी बैलेंस शीट का कोविड स्ट्रेस टेस्ट करना चाहिए. उन्होंने कहा, बैंकों से यह कहा गया है कि उन्हें अपनी बैलेंस शीट चेक करके यह बताना होगा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण उनके कितने एसेट्स डूबने वाले हैं. बैंकों से फंड जुटाने के लिए भी कहा गया है. फाइनेंशियल सेक्टर पर कोरोना वायरस के संकट से निपटने की योजना पर RBI गवर्नर ने कहा कि अब कैपिटल बफर बनाना सबसे ज्यादा जरूरी हो गया है.

आरबीआई गवर्नर ने कहा ''भारतीय रिजर्व बैंक पंजाब एंड महाराष्ट्र सहकारी बैंक (PMC) के लिए संकल्प के लिए सभी हितधारकों के साथ काम कर रहा है. गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा "आरबीआई ने फरवरी 2019 से रेपो रेट में 250 आधार अंकों की कटौती की है ताकि लिक्विडिटी स्ट्रेस कम हो सके और अर्थव्यवस्था में वित्तीय स्थिरता आए."

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First published: 11 July 2020, 12:11 IST
 
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