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लाखों लोगों के PF का 20 हजार करोड़ रुपये पर खतरा, IL&FS कंपनी डूबने से पैदा हुआ संकट

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 February 2019, 18:11 IST

लाखों वेतनभोगियों के पेंशन और प्रोविडेंट फंड के पैसे पर डूबने का खतरा मंडरा रहा है. कर्ज में डूबे हुए इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) ग्रुप में निवेश किए गए पेंशन और प्रोविडेंट फंड (पीएफ) के हजारों करोड़ रुपये पर रिकवरी नहीं होने का जोखिम है. कई प्रोविडेंट और पेंशन फंड ट्रस्टों ने इन्वेस्ट किए गए पैसे की वापसी पर चिंता जाहिर करते हुए नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट में याचिका दायर की है और जल्द दखल देने की मांग की है. ख़बरों की मानें तो IL&FS में करीब 14 लाख कर्मचारियों के सेवानिवृत लाभ का प्रबंध करने वाले 50 से ज्यादा फंड शामिल हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार निवेशकों ने 15 से 20 हजार करोड़ रुपये IL&FS में इन्वेस्ट किया है. यह भारी-भरकम रकम इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के बॉन्ड्स में लगी है, जो उस समय '‘AAA'’ कैटेगरी के अंतर्गत आती थी और रिटायरमेंट फंड्स जानकारों की पहली पसंद थी, ऐसा इसलिए था कि ब्याज दर कम होने के बावजूद उन पर फिक्स्ड रिटर्न मिलता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट में याचिका दायर करने वाले निवेशकों/बैंकर्स में सरकारी कर्मचारियों के फंड्स मैनेज करने वाले ट्रस्ट हैं जिनमें एसबीआई, एमएमटीसी, इंडियन ऑयल, सिडको, हुडको, आडीबीआई और अन्य शामिल हैं. इनके अलावा हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) और एशियन पेंट्स भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं.

इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज 30 साल पुरानी कंपनी है जो देश की इंफ्रास्ट्रक्चर या बुनियादी ढाचें के निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को कर्ज देती है. ख़बरों की मानें तो इस कंपनी पर 91 हजार करोड़ की देनदारी है.

First published: 14 February 2019, 18:11 IST
 
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